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ढाई लाख से बढ़कर 4 लाख हुआ हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों का यात्रा भत्ता, CM बोले- बिना वजह तूल दिया जा रहा

हिमाचल की सरकार पर मौजूदा समय में 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है लेकिन प्रदेश के विधायकों और पूर्व विधायकों का ट्रेवलिंग अलाउंस (टीए) बढ़ाने की तैयारी चल रही है। दरअसल शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने विधानसभा में तीन विधेयक रखे। जिसके मुताबिक मौजूदा और पूर्व विधायकों की मुफ्त यात्रा में डेढ़ लाख से 75 हजार रुपये तक की बढोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें मुख्यमंत्री से लेकर विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मौजूदा और पूर्व विधायक शामिल हैं।

ढाई लाख से बढ़कर 4 लाख हुआ हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों का यात्रा भत्ता, CM बोले- बिना वजह तूल दिया जा रहा
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विधानसभा सदस्यों के भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वेतन संसोधन विधेयक 2019 और मंत्रियों के वेतन और भत्ता संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। हिमाचल की सरकार पर मौजूदा समय में 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है लेकिन प्रदेश के विधायकों और पूर्व विधायकों का ट्रेवलिंग अलाउंस (टीए) बढ़ा दिया गया है।

दरअसल शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने विधानसभा में ये तीन विधेयक रखे। जिसके मुताबिक मौजूदा और पूर्व विधायकों की मुफ्त यात्रा में डेढ़ लाख से 75 हजार रुपये तक की बढोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया। इसमें मुख्यमंत्री से लेकर विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मौजूदा और पूर्व विधायक शामिल हैं।

इन विधेयकों के पारित होने के साथ ही विधायकों का ट्रैवलिंग अलाउंस ढाई लाख सालाना से बढ़कर चार लाख रुपये तक हो गया है। जबकि पूर्व विधायकों का सालाना ट्रैवलिंग अलाउंस जो अभी तक सवा लाख रुपये था वह बढ़कर दो लाख किया गया है।

शनिवार को यह विधेयक पारित किया गया। इससे अब सरकारी खजाने पर सालान करीब 2 करोड़ बीस लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सदन में राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए विधेयक में यात्रा भत्ता को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके पास होते ही अब इसका लाभ मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अळावा उनकी पत्नी या पति, अविवाहित पुत्र पुत्रियां, दत्तक पुत्र व दत्तक पुत्रियां भी ले सकेंगे।

इन विधेयकों के मुताबिक अगर मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायक और पूर्व विधायक देश औऱ विदेश की यात्रा पर जाते हैं तो वह इसके लिए एडवांस के तौर पर 25 हजार रूपये ले सकते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद उनको टिकट समेत यात्रा का सारा ब्योरा जमा करना होगा। यह एडवांस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले समायोजित की जाएगी। ऐसा न करने की सूरत में यह राशि सदस्य के वेतन और भत्ते से काटी जा सकती है।

इन प्रस्तावों के मुताबिक अगर कोई मंत्री या विधायक को टैक्सी बुक करने की जरुरत पड़ती है तो उन्हें प्रस्तावित चार लाख रुपए सालाना मिलने वाले ट्रैवलिंग अलाउंस में से सिर्फ दस फीसदी ज्यादा खर्चा ही मिल पाएगा।

वहीं इसको लेकर विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि न तो विधायकों व मंत्रियों की तनख्वाह बढ़ी है और न ही अन्य भत्ते। सिर्फ यात्रा भत्ता बढ़ा है। इस मुद्दे को बिना वजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में किराया बढ़ गया है और अन्य चीजों के दाम भी बढ़ गए हैं, ऐसे में यात्रा भत्ता बढ़ाना जरुरी था। इसलिए इसे 2 से बढ़ाकर चार लाख किया गया है।

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