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Exclusive Interview: हिमाचल के विकास और सरकार की योजनाओं को लेकर सीएम जयराम ठाकुर से विशेष बातचीत

जयराम ठाकुर हिमाचल के 13वें मुख्यमंत्री हैं, वे 1998 से लगातार 5 बार विधायक रहे हैं। ठाकुर हिमाचल के मंडी जिले की सिराज विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। पढ़िए हरिभूमि से उनकी बातचीत के विशेष अंश।

Exclusive Interview: हिमाचल के विकास और सरकार की योजनाओं को लेकर सीएम जयराम ठाकुर से विशेष बातचीत
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हिमाचल प्रदेश उत्तर-पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है। हिमाचल प्रदेश का शाब्दिक अर्थ 'बर्फीले पहाड़ों का प्रांत' है। बारहमासी नदिंया हरे भरे पहाड़ हिमाचल के सौंदर्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिमाचल की प्रतिव्यक्ति आय भारत के किसी भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।

आज हम बात करेंगे कुछ ऐसी चुनौतियों की जिनका राज्य की सरकार को सामना करना पड़ता है इन सब मुद्दों पर विशेष बातचीत के लिए आज हमारे साथ हैं हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।

जयराम ठाकुर हिमाचल के 14वें मुख्यमंत्री हैं, वे 1998 से लगातार 5 बार विधायक रहे हैं। ठाकुर हिमाचल के मंडी जिले की सिराज विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। पढ़िए हरिभूमि से उनकी बातचीत के विशेष अंश....

सवाल- सर ये बताए की हिमाचल के अधिकतर नौजवान रोजगार के लिए बाहर आते हैं, क्योंकि औद्योगिक सेक्टर इतना राज्य के अंदर नहीं है तो उन्हें रोजगार का अवसर नहीं मिलता, उसको बढाने के लिए आप क्या करेंगे?

जवाब- यह सच में बहुत कठिन स्थिति है हमारे हिमाचल के लिए, खास तौर से अगर हम रोजगार की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक सेक्टरों में एक समय आया था, जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। तब एक अच्छा रुझान आया था, बड़ी संख्या में उद्योग हिमाचल में स्थापित भी हुए और चले भी, लेकिन वो सब बीच में खत्म होने के कारण जो वातावरण था हिमाचल में उसमें काफी गहरा झटका हमें लगा है, लेकिन उसके बावजूद भी जहां तक गवर्नमेंट सेक्टर की बात है, रोजगार के सृजन की बात है, उसमें हम यथा संभव प्रयास कर रहे हैं।

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कैबिनेट मीटिंग में भी हम पद सृजन के लिए अलग-अलग विभाग में जा रहे हैं। काफी पदों की मंजूरी भी मिल गई है और चयन प्रक्रिया जारी है। प्राइवेट सेक्टर की बात करें तो उद्योगिक सेक्टर का स्कोप जितना था उतना ही है पर हमने औद्योगिक नीति में बदलाव किए है। उसके कारण थोड़ी सकारात्मकता तो बड़ी है, लेकिन फिर भी हम बड़ी जल्दी नहीं बोल सकेंगे की औद्योगिक सेक्टर में एकदम से कोई ऐसा रुझान हमाचल में आएगा।

हम कोशिश कर रहें है कि जो हिमाचल में हमारे कृषि क्षेत्र है उनमें बागवानी और सूचना तकनीकी के माध्यम से रोजगार पैदा किया जाए। मै यह उम्मीद करता हूं कि सूचना तकनीकी क्षेत्र बहुत बड़ा स्कोप निकालने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि उससे नौजवान जुडना भी चाहते हैं और उसके बाद टरिज्म क्षेत्र में भी रोजगार की बड़ोत्तरी का बुहत बड़ा स्कोप है।

सवाल- कगड़ा मंडी और सोलन में नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता चौकाने वाली है, इन पदार्थों की उपलब्धता को खत्म करने के लिए आप क्या कदम उठाएंगे?

जवाब- हमारे हिमाचल मे एसी भी स्थिति नहीं है, दूसरे प्रदेशों की परिस्थिति की तुलना में, लेकिन फिर भी उसके वाबजूद रीमोट में हम पड़ते है और इस सिलसिले में हमने दो कदम उठाऐ है, पहला की हमने बहुत सक्ती की है और कुछ लोग जो हमारे बॉडर वाले एरिया के पास है उनके साथ मिलकर संयुक्त अभियान भी किए है और काफी लोग पकड़े भी गए हैं।

एक सर्वेक्षण में हमने देखा की बहुत बड़ी तादाद में ड्रग्स के मामले अगर दर्ज हुए है तो उसमें एक तिहाई राज्य से बाहर के है, और उसमें बड़ी संख्या पंजाब और हरियाणा की है, लेकिन हमने एक पहल हिमाचल में की है, जिसमें पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के साथ बता की और कुछ दिन पहले चंड़ीगढ़ में कमेठी बैठी और उस कमेठी मे बड़े विस्तार से चर्चा हई, इक तंत्र विकसित करने की कोशिश की है।

इसके साथ जो ड्रग्सके व्यवसाय से जुड़े लोग है उन पर खास ध्यान रखे हुए है और दूसरा जागरुक करने की दृष्टी से हम चीजें सोच रहें हैं। हाई स्कूल में स्वास्थ जांच कराई जाएगी और पुनर्वास और नशा मुक्ति केंद्र के लिए भी हम योजना बना रहे है जिस पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ था।

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सवाल- हमारा हिमाचल बहुत ही खूबसूरत है, हमारा वातावरण दुनिया में मशहूर है, लेकिन ये वातावरण सुरक्षित रहना चाहिए, बाहर से पर्यटक आ के इसे नुकसान न पहुंचाएये सुंदरता बनी रहे, इसके लिए आप क्या करेंगे?

जवाब- ये वातावरण हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत आवश्यक है और इसको बचाने के लिए हमने प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, वैसे तो 2008 से ही बंद है पर बीच में दोबारा से उसका प्रचलन शुरू हो गया था लेकिन अब हमने फिर से सख्ती की है और हमने इसके साथ कुछ और भी कदम उठाए हैं, जो ये थर्माकोल की प्लेट, कप इस्तमाल होते थे और वे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते थे, उस पर भी हमने पूरी तरह से रोक लगाई है। तीसरा हमने एक और कदम उठाया है, जो लोग हमारे काम काज के लिए बोतले सप्लाई करते है उससे भी प्लास्टिक की मात्रा बहुत बड़ जाती है, उसको भी हमने बंद कर दिया है। सुंदर नगर के एक कार्यक्रम में हमने 1 हजार बच्चों की स्टील की बोतले दी।

सवाल- हिमाचल प्रदेश के नौजवानों के लिए आपका कोई विशेष संदेश?

जवाब- विशेष तौर से हमारे जो बच्चे है उनके लिए मेरा ये संदेश है कि हिमाचल प्राकृतिक रुप से देव भूमि के रुप में जाना जाता है, यह एक सुंदर प्रदेस है इसको बनाए रखने के लिए अपना सहयोग दे और उसके साथ में ये भी बोलना चाहुंगा कि जो आज कल ये नशीले पदार्थों का सेवन बहुत ज्यादा बड़ रहा है वो हमारी पीढ़ी के लिए बहुत नुकसान दायक है, उसको रोकने के लिए हमें मिल कर काम करना होगा और शपथ लें कि "मैं नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करूंगा, नहीं ही मेरे परिवार के किसी सदस्य को लेने दूंगा और किसी साथी नहीं को भी नहीं लेने दूंगा" इस अभियान को मजबूत बनाने के लिए योगदान दे और हिमाचल को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएं।

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