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एक साल में 100 से ज्यादा दवाओं का सैंपल फेल, मानको पर खरा न उतरने से उठने लगे सवाल

हिमाचल प्रदेश में कंपनियों द्वारा बनाई जा रही दवाएं पिछले कुछ महीनों से अपने निश्चित मानकों पर खरा नहीं उतर रही है। पिछले पांच महीने में ही 60 से अधिक दवाओं के सेंपल फेल हो चुके हैं। इसको लेकर कंपनियों को सोचने पर मजबूर होना पड़ा है।

एक साल में 100 से ज्यादा दवाओं का सैंपल फेल, मानको पर खरा न उतरने से उठने लगे सवाल

हिमाचल प्रदेश में कंपनियों द्वारा बनाई जा रही दवाएं पिछले कुछ महीनों से अपने निश्चित मानकों पर खरा नहीं उतर रही है। पिछले पांच महीने में ही 60 से अधिक दवाओं के सेंपल फेल हो चुके हैं। इसको लेकर कंपनियों को सोचने पर मजबूर होना पड़ा है।

पूरे भारत में हिमाचल एक ऐसा राज्य है जहां देश की 45 फीसदी दवाएं बनती हैं। पर लगातार फेल होते सैंपल पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते सालभर में देशभर में 350 दवाओं में हिमाचल प्रदेश में बनी 100 से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं।

प्रदेश में करीब 750 फार्मा उद्योग स्थापित हैं। लगातार फेल होते सैंपल पर सीडीएससीओ ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया है। और उन दवाओं को मार्केट से वापस लेने को कहा है जिसका सैंपल फेल हो चुका है।

राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि सरकार ने बद्दी के अलावा नाहन, धर्मशाला व मंडी में लाइसेंसिंग अथॉरिटी बना दी है। सहायक दवा नियंत्रक बैठते हैं। सैंपल फेल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण भी सैंपल फेल होते हैं।

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