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पति की लंबी उम्र की कामना के साथ सुहागिनों ने मनाया करवाचौथ का पर्व, चांद के दीदार कर खोला व्रत

करवाचौथ के व्रत को लेकर बाजारों की रौनक देखते ही बनती थी। व्रत की तैयारियों को लेकर महिलाओं में खूब उत्साह रहा। दिन भर शहर के ब्यूटी पार्लर, कपड़ों की दुकानाें व स्वर्णकारों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही।

पति की लंबी उम्र की कामना के साथ सुहागिनों ने मनाया करवाचौथ का पर्व, चांद के दीदार कर खोला व्रत

पति पत्नी के पवित्र प्रेम कर त्योहार करवाचौथ की बृहस्पतिवार को क्षेत्र में धूम रही। सुहागिनों ने पतियों की लंबी आयु के लिए दिन भर उपवास रखा और रात को चांद का दीदार कर, पति की लंबी उम्र की कामना के साथ सुहागिनों ने व्रत खोला। इससे पहले सुहागिनों ने मंदिर में या फिर अपने घर के प्रांगण में विधि विधान से पूजा की। घरों व मंदिरों में व्रत से जुड़ी कथा को करवा का आदान प्रदान करते हुए महिलाओं ने मधुर गीत एक दूसरे को सुनाए। इसके बाद सास ससुर से आशीर्वाद लिया।

बाजारों में रही रौनक, होटल में किया डिनर

करवाचौथ के व्रत को लेकर बाजारों की रौनक देखते ही बनती थी। व्रत की तैयारियों को लेकर महिलाओं में खूब उत्साह रहा। दिन भर शहर के ब्यूटी पार्लर, कपड़ों की दुकानाें व स्वर्णकारों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। मेहंदी के स्टालों पर भी महिलाओं की खासी रौनक रही। वहीं होटल, रेस्तरां आदि भी गुलजार दिखे। करवाचौथ के उपलक्ष में शहर के कई होटलों पर डिनर के लिए विशेष प्रबंध किए गए। इतना ही नहीं लोगों ने पहले ही डिनर टेबल की बुकिंग करवा ली थी। देर शाम कपल परिवार के साथ होटलों में डिनर के लिए पहुंचे।

इससे पहले दिन भर सुहागिनों में एक दूसरे से अच्छी दिखने की होड़ लगी रही। भावना, कशिश व सीमा ने कहा कि कि करवाचौथ, सुहागिनों का सबसे खास दिन है। महिलाएं खुद को दूसरों से अलग दिखाने के लिए खास मेहनत करती हैं। करवाचौथ के पर्व को लेकर हर सुहागिन की एक ही चाह होती है कि वह दूसरों से कुछ अलग दिखाई दे।

उनमें इस बात को लेकर होड़ रहती है कि दूसरे से अच्छा कैसे दिखा जाए, चाहे इसके लिए कितना भी खर्च क्यों न करना पड़े। वहीं नवविवाहिताआें में कुछ अलग ही क्रेज रहता है। उन्हें नए नए तरह के मेकअप व अन्य श्रृंगार के सामान से खुद को सजाना काफी अच्छा लगता है। सुंदर चूड़ियों से भरी कलाइयां और चटक भरा श्रृंगार महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। नवविवाहिता भारती, किट्टी, सोनिया ने बताया कि उनका पहला करवाचौथ है तथा इस दिन व्रत रखना उन्हें अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि ये व्रत अपने पति की लंबी आयु के लिए है। उन्होंने कहा कि यही मौका होता है जब हम अपने को सजाने का हर शौक पूरा करती हैं।

संकट मोचन मंदिर में महिलाओं ने की पूजा

माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में करवा चौथ पर्व बृहस्पतिवार को पूजा-अर्चना, श्रद्धा और भक्ति से मनाया। सुहागिनों ने मंदिर में पति की दीर्घायु और उज्जवल भविष्य की कामना की। रात चांद देखकर पूजा अर्चना की और अर्घ्य देकर व्रत खोला। मानेश्वरी देवी ने बताया कि हिंदु परंपरा के अनुसार विवाहित महिलाओं के लिए यह पर्व अति महत्वपूर्ण है। इस व्रत से एक साथ पूरे शिव परिवार की पूजा का फल मिलता है।

मानेश्वरी देवी ने सुनाई करवाचौथ की कथा

उन्होंने बताया कि करवा चौथ की कथा इंद्राप्रस्थ नगर के वेद शर्मा नामक ब्राह्मण परिवार की पुत्री से जुड़ी है। सात भाईयों में अकेली बहन वीरावती का विवाह सुदर्शन नामक ब्राह्मण के साथ हुआ। वीरावती ने एक बार करवा चौथ का व्रत अपने मायके में किया। पूरे दिन निर्जल रहने के कारण वह निढाल हो गई। उनके भाईयों से उनकी यह दशा नहीं देखी गई तो उन्होंने खेत में आग लगाकर समय से पहले ही नकली चांद उदय करा दिया।

वीरावती की भाभियों ने उसे चांद निकलने की बात बताकर अर्घ्य दिलवा दिया। उसके बाद से वीरावती का पति लगातार बीमार रहने लगा। तब उसने इंद्र की पत्नी इंद्राणी का पूजन कर उनसे समाधान मांगा। उन्होंने व्रत के खंडित होने की बात बताई और दोबारा विधिविधान से व्रत करने की सलाह दी। वीरावती ने वैसा ही किया। इससे उसका पति ठीक हो गया। उसी समय से यह व्रत लोक प्रचलन में आ गई।

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