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किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मुकदमें वापिस लिए जाए- भाकियू प्रदेशाध्यक्ष

भाकियू सरकार से मांग करती है कि जिन किसानों के खिलाफ पराली जलाने के नाम पर एफ आईआर दर्ज की गई है, उसे तुरंत कैंसिल किया जाए।

किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मुकदमें वापिस लिए जाए- भाकियू प्रदेशाध्यक्ष

भारतीय किसान यूनियन की बैठक पूंझ्री किसान भवन में युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट की अध्यक्षता मे हुई। जिसको संबोधित करते हुए कसाना ने कहा कि भाकियू के संगठन मे प्रदेश व जिला स्तर पर बदलाव किया जायेगा। जिसको लेकर भाकियू ने 10 दिसंबर को जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र मे प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।

जिसमें संगठन के विस्तार को लेकर चर्चा की जाएगी। भाकियू सरकार से मांग करती है कि जिन किसानों के खिलाफ पराली जलाने के नाम पर एफ आईआर दर्ज की गई है, उसे तुरंत कैंसिल किया जाए। देश व प्रदेश में जो प्रदूषण की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही है, वह किसानों के पराली जलाने से नहीं, अपितु दिल्ली के कारखानों, अंधाधुंध वाहनों के चलने व पटाखों से हो रहा है।

किसान तो सिर्फ बहाना है, अधिकतर किसान अब जागरूक हो गए हैं और उन्हें पता है कि प्रदूषण से उनके बच्चे और परिवार के सदस्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार भी ऐसा कोई यंत्र लगाए जिसे किसानों की पराली उपयोग में लाई जा सके। जिससे किसानों को पराली जलाने की नौबत पैदा ही ना हो। इस बार किसानों की धान की फसल काफी कम भाव में बिक रही है।

जिसे किसान का लागत मूल्य वसूल नहीं हो रहा है। सरकार पीआर धान की खरीद दोबारा शुरू करवाएं और किसानों को बोनस दें। किसानों पर मुकदमे दर्ज करने व उन्हें दंडित करने से कुछ नहीं होगा। इस समस्या का स्थाई समाधान सरकार को ढूंढना ही होगा। अगर जल्द ही किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं किए गए तो पूरे प्रदेश के किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।

पराली जलाने की समस्या से निपटने में सरकार व अधिकारियों के बीच कोई समन्वय नहीं है। हर कोई जानता है की पराली जलाने की समस्या हर वर्ष आती है, तो सरकार पहले से तैयार क्यों नहीं रहती। अपनी कमियों को छुपाने के लिए हर बार किसान के सिर यह दोष मढ़ना अपने आप में सरकार की विफलता का परिणाम है।

कल पराली जलाने की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि यह समस्या गंभीर है। सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया कि वे पराली ना जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करें, ताकि वे अपने खेत को साफ करने के लिए पराली ना जलाएं। किसानों के हितों को सुरक्षित रखा जाए, पराली से निपटने के लिए किसानों को मशीन उपलब्ध करवाई जाएं, किसान देश के रीड की हड्डी है।

बैठक में पुडरी ब्लाक प्रधान रणधीर बरसाना, ढाडं ब्लाक प्रधान पिरथी कौल, युवा प्रधान राजेश पुझ्री, शमशेर पबनावा, चमेल सिंह पबनावा, नन्हा कौल, दलीप कौल, धरमा कौल, गुरबाज हाबड़़ी, रामपाल मुदड़ी, साधु राम मुदड़ी, सुरेश मुनारेहडी, नरेंद्र चदलाना, नरेंद्र हाबड़ी, कुलदीप हाबड़ी, जिले सिंह, विक्रम सिरसल, दर्शन गुर्जर, संजय मयौली, मलखान खेड़ी, प्रताप हाबड़ी, सहित सैकड़ों भाकियू कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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