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समालखा सीट पर किसी पार्टी की नहीं लगी हैट्रिक, सरकारें गिराने में रहा बड़ा योगदान

हरियाणा की समालखा विधानसभा सीट सरकारों को गिराने को लेकर प्रसिद्ध रही है। समालखा विधानसभा सीट के विधायकों ने दो पार्टियों की सरकारों को गिराया है। इसके अलावा मंत्री पद की इच्छा को लेकर कई नेताओं ने पार्टियां भी बदली हैं।

समालखा सीट पर किसी पार्टी की नहीं लगी हैट्रिक, सरकारें गिराने में रहा बड़ा योगदानNo Party Has Hat-Trick On Samalkha Assembly Seat, It Has Made A Big Contribution In Toppling Governments

उत्तर भारत में कोल्हू के पाठ-चारा काटने वाली मशीन निर्माण के लिए प्रसिद्ध समालखा, सरकारों को गिराने और दलबदल के लिए चर्चाओं में रहा है। समालखा विधानसभा में सन 1967 में राव विरेंद्र सिंह और 1996 में चौ. बंसीलाल की सरकार को गिराने में तत्कालीन विधायकों का हाथ रहा। 1996 में करतार भडाना को चौ. बंसीलाल की सरकार गिराने का सबसे बड़ा सूत्रधार माना गया था। वहीं 2009 में हरियाणा जनहित कांग्रेस से विधायक बने धर्म सिंह छौक्कर रातों रात हुड्डा की सरकार में मंत्री बनने की लालसा लिए कांग्रेसी बन गए थे। लेकिन धर्म सिंह मंत्री बनने का उनका सपना पूरा नहीं हुआ।

दो बार से ज्यादा कोई नहीं रहा विधायक



सन् 1990 से पहले समालखा, करनाल जिला का हिस्सा थी। चौ. देवीलाल की सरकार ने सन् 1991 में पानीपत को नया जिला बनाने पर समालखा, पानीपत जिले की विधानसभा बन गई। समालखा से जनता पार्टी के मूलचंद जैन, इनेलो के सचदेव त्यागी एक-एक बार जीते। जबकि हरियाणा विकास पार्टी, इनेलो से करतार सिंह भडाना दो बार विधायक चुने गए। 2014 में राजनीतिक समीकरणों को किनारे करते हुए जाट बिरादरी बाहुल्य समालखा हलके से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रविंद्र मछरौली विधायक बने। विधायक रविंद्र मछरौली का कहना है कि वे निर्दलीय विधायक है उन्होंने भाजपा सरकार का समर्थन किया।

सरकार ने क्या कराए कार्य

भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में समालखा हलके की अनदेखी से हुए नुकसान की अच्छी खासी भरपाई की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सबका साथ सबका विकास नारे को समालखा में प्रबल करते हुए 100 बेड का सिविल अस्पताल, सामुदायिक केंद्र, पंजाबी धर्मशाला, सैनिक भवन, समालखा-बापौली रोड पर पुल का निर्माण करवा कर दिया। जबकि भाजपा सरकार के कड़े प्रयासों के चलते जीटी रोड व हरिद्वार हाईवे पर यातायात का बोझ कम किया

समालखा से ये रहे हैं विधायक

1967

चौ. रणधीर सिंह

बीजेएस

1968, 1982

कटार छौक्कर

कांग्रेस

1972

हरि सिंह रावल

कांग्रेस

1977

मूल चंद जैन

जपा

1987

सचदेव त्यागी

लोकदल

1991

हरि सिंह नलवा

जनता दल

1996

करतार भडाना

हविपा

2000

करतार भडाना

इनेलो

2005

भरत सिंह छौक्कर

कांग्रेस

2009

धर्म सिंह छौक्कर

हजकां

चुनाव में इन चेहरों पर रहेगी नजर

भाजपा से कृष्ण छौक्कर और राजकुमार कालीरमन में से किसी को टिकट मिल सकता है। इसके अलावा जजपा से ब्रहपाल राव, कांग्रेस से संजय छोक्कर, इनेलो से लेखराज खट्टर और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से भरत सिंह छौक्कर उतर सकते हैं।

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