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गुरमीत राम रहीम सिंह के सहयोगी कृष्ण लाल को भी नहीं मिली पैरोल

अंबाला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) के सहयोगी कृष्णलाल के भाई भीमसेन ने हाईकोर्ट में अपील कर भाई के लिए पैरोल मांगी थी।

पुलिस पूछताछ
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न्यायिक हिरासत में भेजा

हरिभूमि न्यूज. चंडीगढ

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पत्रकार छत्रपति रामचंद्र हत्या कांड में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) के सहयोगी कृष्ण लाल को पैरोल देने की मांग खारिज कर दी है। कृष्ण लाल इस समय उम्र कैद की सजा के तहत अंबाला जेल में बंद है। कृष्ण लाल के भाई भीम सेन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कृष्ण लाल को पैरोल देने की मांग की थी। याचिका में अंबाला जेल सुपरिंटेंडेंट के 2 मई के उस आदेश को भी रदद करने की मांग की गई जिसमें उनकी पैरोल की मांग को खारिज कर दिया गया था।

हाईकोर्ट को बताया गया कि याची कृष्ण लाल का भाई है। उसकी माता का 1 मई को देहांत हो गया था व 13 मई को उसकी माता जी की तेरहवीं है। इस को लेकर उन्होने अंबाला जेल सुपरिंटेंडेंट को एक मांग पत्र देकर दो सप्ताह की पैरोल देने की मांग की थी। लेकिन अंबाला जेल सुपरिंटेंडेंट ने सिरसा के एसएचओ की उस रिपोर्ट जिसमें कहा गया था कि कृष्ण लाल को पैरोल देने से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती का हवाला देकर उनकी मांग खारिज कर दी। कोर्ट को बताया गया कि ट्रायल के दौरान याची कई साल तक जमानत पर बाहर रहा व उसने कभी कानून के खिलाफ काम नही किया। उसकी माता के अंतिम कार्यक्रम में भाग लेना उसका अधिकार भी है। ऐसे में उसे पैरोल दी जाए।

हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की याचिका सजाफ्ता कृष्ण लाल खुद क्यों नही दायर कर रहा। याची किस अधिकार से उसको पैरोल के लिए याचिका दायर कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि कानूनन याची इस तरह की याचिका दायर करने अधिकारी नही है। हाई कोर्ट मानता है कि याची दायर करने का लोकस स्टेंडी नही है ऐसे में याचिका सुनने का अधिकार नहीं रखती। इसी के साथ हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

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