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हिसार : अध्यापकों ने किया 40 छात्राओं का यौन उत्पीड़न, प्रताड़ना से तंग एक छात्रा ने खाया जहर

हिसार के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से अध्यापकों द्वारा यौन उत्पीड़न का एक बड़ा मामला सामने आया है। बाल संरक्षण अधिकारी के सामने स्कूल की 40 बच्चियों ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया।

Teachers sexually assaulted with government school girl hisar
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Teachers sexually assaulted with government school girl hisar

हिसार जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं द्वारा तीन टीचरों पर यौन प्रताड़ना के आरोप जड़ने के मामले में मंगलवार को कई सनसनीज खुलासे हुए है। विवादित सरकारी स्कूल की 40 छात्राओं ने बाल संरक्षण ईकाई को अपने बयान दर्ज करवा है। रिपोर्ट में स्कूल की आठवीं कक्षा की एक छात्रा ने बयान में बताया है कि छह माह पहले उसकी कक्षा की एक अन्य छात्रा ने टीचरों द्वारा यौन प्रताड़ना से तंग आकर जहरीले पदार्थ का सेवन भी कर लिया था।

जिसकी खबर शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को भी थी लेकिन तीनों टीचरों पर कार्रवाई करने की बजाय शिक्षा विभाग ने मामले को दबा दिया। इतना ही नहीं विवादित सरकारी स्कूल के मुखिया ने टीचरों को चेतावनी देने की बजाय छात्राओं को ही झाड़ पिलाई और मामले को फिर से दबा दिया, जबकि इस घटना पर शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई हो जाती तो फिर से यह मामला नहीं दोहराता लेकिन शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही व स्कूल प्रबंधन की गंभीरता न लेने के कारण स्कूल के अंदर यौन प्रताड़ना से फिर से छात्राओं को जूझना पड़ा।

हालांकि तीन टीचरों के अलावा इस मामले में स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रधान पर भी छात्राओं ने यौन प्रताड़ना के आरोप जड़े हैं। इसके अलावा बाल संरक्षण ईकाई को दी शिकायत में स्कूल की छात्राओं ने और भी असलियत बयां कर दर्ज करवाई है। अब बाल संरक्षण अधिकारी ने विवादित स्कूल की घटना की रिपोर्ट को उपायुक्त, निदेशक महिला एवं बाल संरक्षण विभाग व राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेजने का फैसला लिया है।

साथ जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच कर तीन टीचर सहित एक एसएमसी प्रधान पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी जारी कर दिए है। तो दूसरी ओर पुलिस ने इस मामले को लेकर दो आरोपित टीचरों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को दोनों को अदालत में पेश किया, जिसके बाद जेल भेज दिया गया है। बाल संरक्षण अधिकारी व छात्राओं द्वारा दी शिकायत में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

शिकायत में छात्राओं ने ये किए सनसनीज खुलासे

आठवीं कक्षा की छात्रा ने बताया :

छात्रा ने बाल संरक्षण ईकाई को लिखित में दी शिकायत में बताया है कि आरोपित दो टीचर कक्षा उसके व एक अन्य छात्रा के साथ गलत काम करते थे। लैब के अंदर जब आरोपित टीचर व एक छात्रा अंदर जाते थे तो दूसरा टीचर व अन्य छात्रा लैब के बाहर रखवाली करता था, जबकि रखवाली करने वाला टीचर व अन्य छात्रा अंदर जाते थे तो दूसरा टीचर व अन्य छात्रा बाहर की रखवाली करते थे।

नौंवी कक्षा की छात्रा ने बताया :

विवादित स्कूल की नौंवी कक्षा की छात्रा ने विभाग को दिए बयान में बताया है कि जब कुछ माह पहले एक महिला टीचर की नियुक्ति हुई थी तो आरोपित में से एक टीचर ने उस पर मोबाइल से महिला टीचर पर अश्लील मैसेज भेजने का भी दबाव बनाया। छात्रा ने बताया कि जब वह इस बात का विरोध करती तो टीचर उसे कक्षा में फेल करने का डर दिखाते थे, जिसके बाद दबाव में आकर छात्रा ने टीचर के कहने पर महिला टीचर को तीन से चार बार अश्लील मैसेज भेजे थे।

दसवीं कक्षा की छात्रा ने जैसा बताया

सरकारी स्कूल की छात्रा ने लिखित में दी शिकायत में बताय है कि तीनों आरोपित टीचर उन्हें स्कूल टाईम से पहले बुलाते थे और उनके साथ छेड़छाड़ की जाती थी। छात्रा ने बताया कि एक बार एक छात्र समय से पहले स्कूल आया तो उसने पूरा घटनाक्रम अपनी आंखों से देख लिया, जिस पर टीचर ने बिना कुछ पूछे उस छात्र को शारीरिक यातनाएं दी और किसी और के सामने बात न बताने का डर दिखाया।

सातवीं कक्षा की छात्रा ने बताया

स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा ने बताया कि एक दिन कंप्यूटर पीरियड में टीचर ने उसके शरीर पर हाथ फेरकर छेड़छाड़ शुरू की लेकिन उस दौरान एक टीचर ने यह नजारा देख लिया लेकिन टीचरों ने आपस में मामले को दबा लिया। छात्रा ने दिए बयान में बताया है कि टीचर उस पर गंदी नजर रखता था और अकेला देखकर उसके साथ छेड़छाड़ भी करता था। लेकिन टीचर के विरोध में एक भी छात्र हिम्मत तक नहीं जुटा पाया।

छठी कक्षा की छात्रा ने जैसे बताया

सरकारी स्कूल की छात्रा ने बताया कि आरोपित टीचर उसे व उसकी एक सहेली को लैब या फिर अन्य कमरों में ले जाते थे, जहां वे बीड़ी-सिगरेट पीते थे और मोबाइल पर अश्लील विडियो दिखाते थे, जिसके बाद आरोपित टीचर उनके साथ गलत काम करते थे। साथ ही शरीर पर हाथ भी फेरते थे। जब विरोध जताते तो कक्षा में फेल का डर दिखा उसको चुप करवा देते थे।

बाल संरक्षण अधिकारी ने रिपोर्ट में ये उठाए सवाल

- छह माह पहले यौन प्रताड़ना से तंग आकर जब एक छात्रा ने जहर निगला तो खबर शिक्षा विभाग के डीईओ को थी लेकिन न अधिकारी और न ही स्कूल मुखिया ने कदम क्यों नही उठाया।

- स्कूल में लैब, बाथरूम और स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगवाए, जबकि कुछ हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे मौजूद है।

- स्कूल की महिला टीचर को अश्लील मैसेज आ रहे थे तो शिकायत देने के बावजूद भी कदम क्यों नहीं उठाया।

- स्कूल के अंदर 50 से अधिक उम्र के टीचरों की नियुक्ति क्यों नहीं की, जबकि छात्रा होने के बावजूद भी स्कूल में महिला टीचर की नियुक्ति अनिवार्य थी।

बीईओ ने स्कूल का किया निरीक्षण, डीईओ को भेजेंगे रिपोर्ट

आदमपुर के विवादित सरकारी स्कूल में मंगलवार को बीईओ ने दौरा किया, जिसके बाद उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और मामले को लेकर हालचाल जाना। साथ ही स्कूल प्रबंधन की ओर से कुछ सवालों के जवाब भी उन्होंने बयान दर्ज किए है, जिसकी रिपोर्ट डीईओ को भेजी जाएगी। हालांकि संबंधित स्कूल के मुखिया को शिक्षा विभाग के कार्यालय में बुलाया गया, जिसके बाद उन्होंने तीनों टीचरों के खिलाफ बयान आला अधिकारी को दिए है, जिसके बाद शिक्षा निदेशालय को मामले की रिपोर्ट भेजी जाएगी।

यह था मामला

सोमवार को जिला बाल संरक्षण ईकाई की टीम जिले के एक सरकारी स्कूल में गुड टच बैड टच की जानकारी देने के लिए गई थी लेकिन वहां स्कूल की 40 से अधिक छात्राओं ने बाल संरक्षण अधिकारी को तीन टीचर सहित एक एसएमसी प्रधान पर यौन प्रताड़ना का आरोप जड़ दिया, जिसके बाद बाल संरक्षण अधिकारी ने एसएचओ को मौके पर बुलाया और मामले को दर्ज करवाया और साथ ही शिक्षा विभाग को इस मामले को लेकर गंभीरतापूर्वक कदम उठाने के निर्देश दे दिए। साथ ही कुछ प्वाइंट पर सवाल उठाते हुए बाल संरक्षण अधिकारी ने शिक्षा विभाग से जवाब भी मांगे है, जिसकी रिपोर्ट जल्दी से जल्दी सौंपने के लिए कहा है।

विवादित स्कूल की 40 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए है, जिसमें सनसनीज खुलासे हुए है। उपायुक्त, निदेशक महिला एवं बाल संरक्षण विभाग व राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। तब तक विद्यार्थियों की काउंसलिंग की जाएगी। सुनीता यादव, बाल संरक्षण अधिकारी, हिसार।

स्कूल मुखिया से लिखित में शिकायत ले ली गई है, जिसके तहत तीन टीचरों व एसएमसी प्रधान के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नीता अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।

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