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JBT घोटाले में चौटाला के सहयोगी पूर्व IAS ने रची दोस्त के कत्ल की साजिश

अपने ही दोस्त की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में IAS संजीव कुमार हुए गिरफ्तार

JBT घोटाले में चौटाला के सहयोगी पूर्व IAS ने रची दोस्त के कत्ल की साजिश
चंडीगढ़/नई दिल्ली. JBT टीचर फर्जी भर्ती घोटाले में दोषी करार दिए गए हरियाणा के पूर्व IAS अधिकारी संजीव कुमार के खिलाफ एक और संगीन मामला सामने आया है। इस बार उन्हें अपने ही दोस्त की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि अधिकारी के साथ-साथ कुख्यात गैंगस्टर शौकत पाशा के जरिए हायर किए गए दो शार्प शूटर तौफीक व मन्ना को भी गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले के संबंध में जॉइंट पुलिस कमिश्नर रविंद्र यादव का कहना है कि ओम प्रकाश चौटाला के करीबी और घोटाले में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व IAS संजीव कुमार ने बेहद ख़तरनाक साज़िश रची थी। गौरतलब है कि संजीव कुमार ने शौकत के सहयोग से दो शार्प शूटर अपने बिजनेसमैन दोस्त 'टिक्का हसन मुस्तफा' का मर्डर कराने के लिए हायर किए थे।
साजिश का अंत यहीं नहीं था बल्कि अलीगढ़ के नवाब टिक्का हसन का खात्मा कराके अपने ऊपर भी उन शार्प शूटरों के जरिए कुछ इस तरह से गोली मरवाना चाहता था जो उसके पैर या शरीर के किसी हिस्से को छूते हुए निकल जाए। सूत्रों ने बताया कि संजीव कुमार का मक़सद इस हमले में हत्या और हत्या के प्रयास का आरोप चौटाला परिवार पर जड़ना था, जिससे वह जेबीटी घोटाले में अपनी बेल को और अधिक दिनों के तक भुनाने में कामयाब हो सके।
इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला, उनके विधायक पुत्र अजय चौटाला और दो आईएएस अधिकारियों समेत 53 अन्य लोगों को वर्ष 2000 में हरियाणा में 3,206 जूनियर बेसिक ट्रेंड शिक्षकों की अवैध नियुक्ति का दोषी ठहराया था। अदालत ने चौटाला पिता-पुत्र और तीन अन्य को 10-10 साल कैद की सज़ा सुनाई थी।
जबकि अन्य तीन लोगों में दो आईएएस अधिकारी (तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार, चौटाला के पूर्व ओएसडी विद्याधर) और हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री शेर सिंह बडशामी के राजनीतिक सलाहकार शामिल थे। सभी 55 दोषियों को भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 120बी आपराधिक षडयंत्र, 418 धोखाधड़ी, 467 जालसाजी, 471 (जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल) के तहत दोषी करार देकर सजा सुनाई गई। संजीव कुमार तब से तिहाड़ जेल में बंद थे। पिछले साल ही जून माह में मेडिकल ग्राउंड पर इनकी जमानत मंजूर की गई थी।
पूर्व आईएएस संजीव कुमार की मुलाकात तिहाड़ जेल में ही गैंगस्टर शौकत पासा से हुई थी। वहीं रहते हुए इसने साजिश को प्लान किया था। जमानत पर बाहर आकर तिहाड़ में बंद शौकत पासा से लगातार संपर्क में था। तिहाड़ जेल से ही शौकत ने मोबाइल के जरिए अपने दोनों शार्प शूटरों से संपर्क साधने को कहा था। संजीव कुमार ने टिक्का हसन मुस्तफा का कत्ल कराने के लिए मोटी रकम का लालच दिया था। क्राइम ब्रांच इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर जेल में तिहाड़ शौकत पासा के पास मोबाइल कैसे आया?
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