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शुगर मिल में सफाई के नाम पर 35 घंटे का ब्रेक, गन्ना उत्पादक परेशान

मिल यार्ड में जमा हुआ करीब 19 हजार क्विंटल गन्ना। नई पर्ची जारी करने पर भी किसानों ने उठाए सवाल।

प्रदेश का ऐसा पहला सुगर मिल, जहाँ चप्पे-चप्पे पर तीसरी आँख का पहरा
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सुगर मिल पर काम करता मजदूर (प्रतीकात्मक फोटो)
हरिभूमि न्यूज. सोनीपत। शहर के कामी सड़क मार्ग स्थित सहकारी शुगर मिल में चल रहे पेराई सत्र को 35 घंटे के लिए रोका गया। मिल प्रशासन की तरफ से सफाई की जा रही हैं। रविवार को मिल का पेराई सत्र को शुरू किया जायेगा। सफाई के नाम पर ब्रेक डाउन की सूचना के बाद गन्ना उत्पादक परेशान नजर आये। गन्ना उत्पादकों को आरोप हैं कि उन्हें बिना सूचना के मिल प्रबंधन ने ब्रेक कर दिया। किसानों का हजारों क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा हैं। वहीं मिल यार्ड में भी गन्ना ट्रालियों भरा खड़ा हैं।

बता दें कि दो दिन से हो रही बुंदाबांदी के चलते मिल में खोई गिली हो गई हैं। जिसकी वजह से बॉयलर पर प्रशेर पड़ रहा हैं। प्रेशर होने के कारण पेराई सत्र को आगमी 35 घंटे के लिए रोक दिया गया। जिसके कारण गन्ना उत्पादकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। मिल प्रशासन द्वारा ब्रेक की घोषणा कर दी गई। जिसके चलते यार्ड में ही करीब 19 हजार क्विंटल से अधिक गन्ना खड़ा रह गया। ऐसे में किसानों ने प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया।

करीब 16 लाख क्विंटल गन्ने की हो चुकी हैं पेराई-

सोनीपत शुगर मिल में पेराई सत्र 2019-20 की शुरूआत 21 नवंबर 2019 में हुई थी। मौजूदा पिराई सत्र के लिए शुगर मिल प्रशासन द्वारा करीब 35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। जिसके अंतर्गत अब तक 15 लाख 35 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है। पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल प्रतिदिन तक पहुंच जाती हैं। गर्मी होने के कारण कारखाने में तकनीकि खराबी आने लगी हैं।

सोनीपत शुगर मिल के एमडी अश्वनी कुमार ने कहा, "पेराई सत्र लंबे समय से सुचारू रूप से चलता आ रहा हैं। मौसम भी बदल चुका हैं। कारखाने में मशीनों में तेल व छोटी-मोटी रिपेयर के लिए ब्रेक दिया गया हैं। ताकि आगामी दिनों में परेशानी सामने न आये। ब्रेक के बाद सुचारू रूप से पेराई सत्र की शुरूआत कर दी जायेगा। गत पेराई सत्र से ज्यादा गन्ने की इस बार पेराई कर चुके हैं।"




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