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रिश्वत लेने वाले सब-इंस्पेक्टर व देने वाले को पांच पांच साल की कैद

जुर्माना न भरने पर दोनों दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

कम राशि का एस्टीमेंट बनाने के लिए 10 हजार मांगने के आरोपी जेई को किया चार्जशीट
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जेई को रिश्वत मांगना पड़ा भारी (सांकेतिक फोटो)

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने एक लाख पांच हजार रुपये की रिश्वत लेकर चूरापोस्त सप्लायर को भगाने के जुर्म में तत्कालीन सब इंस्पेक्टर को पांच साल का कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

जबकि रिश्वत देने वाले व्यक्ति को पांच वर्ष का कारावास तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोनों दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर थाना के तत्कालीन प्रभारी धर्मबीर ने 29 दिसम्बर 2015 को पुलिस को शिकायत में बताया था

कि सदर थाना पुलिस ने 23 दिसंबर को गांव अमरहेड़ी के निकट ट्रक से 45 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद कर ट्रक चालक गांव बधाना निवासी सुरेश को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में सप्लायर गांव अकली जिला आगर मालवा मध्य प्रदेश निवासी सुज्जन का नाम उभर कर सामने आया था।

पुलिस ने सुज्जन को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। जिसकी जांच सब इंस्पेक्टर ऋषिराज को सौंपी गई थी। ऋषिराज ने 28 दिसम्बर को सुज्जन को भगा दिया था। जिसकी एवज में ऋषिराज ने एक लाख रुपये की रिश्वत सुज्जन के भाई कमल से ली थी। जब जब रिश्वत राशि लेकर कमल जींद पहुंचा तो पुलिस ने छापेमारी कर उसे काबू कर लिया था।

पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि सब इंस्पेक्टर ऋषिराज ने सुज्जन को भगाने की ऐवज में एक लाख रुपये की डिमांड कमल से की थी। 60 हजार रुपये ऋषिराज पहले ले चुका था, 45 हजार रुपये लेकर मध्यप्रदेश से कमल जींद पहुंचा था।

एक लाख रुपये की रिश्वत का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सब इंस्पेक्टर ऋषिराज की निशानदेही पर रिश्वत की राशि बरामद कर ली थी। साथ ही पुलिस ने कमल को रिश्वत देने और ऋषिराज के खिलाफ डयूटी में लापरवाही बरतने के अलावा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।

तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने तत्कालीन सब इंस्पेक्टर ऋषिराज को पांच साल का कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि रिश्वत देने वाले कमल को पांच वर्ष का कारावास तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोनों दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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