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शिक्षक के तबादले से नाराज छात्रों ने लगाया स्कूल के गेट पर ताला, जमकर किया प्रदर्शन

रोहतक के राजकीय उच्च विद्यालय में एक शिक्षक का तबादला होेने पर विद्यार्थियोें ने गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद गांवों वालों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इसके जरिए अध्यापक का तबादला निरस्त करने की मांग की गई।

शिक्षक के तबादले से नाराज छात्रों ने लगाया स्कूल के गेट पर ताला, जमकर किया प्रदर्शन

शिक्षक के तबादले से नाराज छात्रों ने राजकीय स्कूल पर सुबह-सुबह ताला जड़ दिया। जिसके बाद गांव वालों के साथ मिलकर जमकर प्रदर्शन किया। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के समझाने पर भी विद्यार्थी नहीं माने। प्रदर्शन के जरिए छात्रों ने सरकार-प्रशासन से टीचर को वापस भेजने की मांग की गई है।

गांव गढ़ी के राजकीय उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने सोमवार को स्कूल के गेट पर ताला जड़कर वहीं धरने पर बैठ गए। बच्चे स्कूल के टीचर राजरूप राठी का तबादला होने से गुस्से में थे। बच्चों का कहना है कि उन्हें वहीं टीचर चाहिए। नहीं तो हम यहां से नहीं उठेंगे। स्कूल पर ताला लगाने की सूचना मिलने पर बीईओ आदर्श राजन और अन्य अधिकारी वहां पहुंचे और बच्चों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चों ने एक ना सुनी। बच्चों का कहना था कि हमारे एसएस के टीचर का तबादला नहीं करना चाहिए था, इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चों के साथ गांव वाले भी आ गए हैं। उनका भी कहना है कि जिस अध्यापक ने स्कूल को नया रूप दिया, पढ़ाई में बच्चों को अव्वल बनाया अब बीच सेशन में उनका तबादला कर दिया गया। सुबह 6 बजे से करीब 3 बजे तक बच्चे गेट पर ही बैठे रहे। फिलहाल भी स्कूल पर ताला लगा हुआ है। मंगलवार सुबह बच्चे फिर गेट पर आकर बैठेंगे।

पानीपत कर दिया अध्यापक का तबादला

स्कूल में सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले एक टीचर राजरूप राठी का गत शुक्रवार को तबादला हो गया था। वे शनिवार को पानीपत में अपने नए स्कूल में चले गए। बच्चों को इस बात का पता चला तो वे सोमवार सुबह करीब 6 बजे स्कूल गेट पर पहुंचे और गेट पर ताला जड़ दिया। स्कूल लगने के समय पर जब हेडमास्टर और अन्य अध्यापक पहुंचे तो बच्चों को वहां बैठा देखकर हैरान रह गए। उन्होंने बच्चों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद अध्यापक बाहर ही बैठ गए। सूचना मिलने पर बीईओ और अन्य अधिकारी भी वहां पहुंच गए और बच्चों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चे जिद पर अड़े रहे। घंटो समझाने के बाद भी जब बच्चे नहीं माने तो अधिकारी वहां से चले गए।

इसलिए कर रहे तबादले का विरोध

बच्चों का कहना है कि अध्यापक राठी ने स्कूल में अनेक सुधार करवाए हैं। पढ़ाई में भी अब हम अव्वल आने लगे हैं। स्कूल में जो जनरेटर रखा है उसमें टीचर अपने रुपयों से डीजल डलवाते हैं, तब जाकर उन्हें गर्मी में पंखे नसीब होते हैं। उनके आने से पहले बिजली गुल हो जाने पर पंखे चलते ही नहीं थे। उनका तबादला नहीं करना चाहिए था। दूसरी बात यह भी है कि सत्र बीच में है और ऐसे में तबादला करना ठीक नहीं, पढ़ाई प्रभावित होगी। बच्चों ने मांग की है कि टीचर को दोबारा इसी स्कूल में लाया जाए।

जोहड़ में है चाबी तो

जिस समय बच्चे स्कूल के गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे, तो शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे। एक अधिकारी ने छोटी बच्ची से पूछा कि चाबी कहां है तो उसने कहा मेरे पास है। अधिकारी ने उससे चाबी मांगी तो बच्ची का जवाब था कि मैम चाबी तो जोहड़ में फेंक दी है।

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