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GST को लेकर हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से हरिभूमि की विशेष बातचीत

व्यापारी बिल्कुल न डरें। उलटा, वे जीएसटी का खुले मन से स्वागत करें। चूंकि जीएसटी का सारा काम नेटवर्क पर होना है इसलिए उन्हें इनपुट क्रेडिट मिलेगा।

GST को लेकर हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से हरिभूमि की विशेष बातचीत

चंडीगढ़ एक जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी से व्यापारियों, निर्माताओं, आम उपभोक्ताओं के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। इन शंकाओं का समाधान ढूंढने के लिए हरिभूमि ने हरियाणा के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से शुक्रवार को विशेष बातचीत की।

जीएसटी से हरियाणा में क्या बदलाव होने वाला है?

एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार के तहत हरियाणा में भी जीएसटी लागू होने से सभी वस्तुओं पर एक जैसी टैक्स दर होगी। इससे देश के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से उभरेगी। विदेशी निवेशकों की यह पहली मांग थी कि जीएसटी लागू हो क्योंकि उन्हें टैक्स व्यवस्था पर स्थायीत्व चाहिए था। अब इससे आम निवेश बढ़ेगा। हरियाणा हालांकि निर्माता राज्य है और जीएसटी खपत पर लगता है। मगर हरियाणा में सर्विस सेक्टर और मैच्योर है और प्रति व्यक्ति आय भी अच्छी है। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि हरियाणा में आर्थिक उन्नति होगी। वैसे तो केंद्र से पांच साल तक 14 फीसदी ग्रोथ के साथ राजस्व प्राप्ति की कमी पूरी होगी। शायद इसकी जरूरत न पड़े।

व्यापारियों के मन में कई तरह की शंका पैदा हो रही है। कैसे दूर करेंगे?

व्यापारी बिल्कुल न डरें। उलटा, वे जीएसटी का खुले मन से स्वागत करें। चूंकि जीएसटी का सारा काम नेटवर्क पर होना है इसलिए उन्हें इनपुट क्रेडिट मिलेगा। रिटर्न भी हर महीने भरनी हैं और ऑनलाइन भरनी है। उनके पास 30 जून, 2017 को जो स्टॉक होगा, उसे वेरीफाई करवा लें। उस पर भी वैट का रिटर्न मिलेगा। चूंकि 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाले व्यापारी जीएसटी की जद से बाहर हैं इसलिए उन्हें तो टैक्स ही नहीं भरना है। जिन व्यापारियों का टर्नओवर 20 लाख रुपये से 75 लाख रुपये सालाना है, उन्हें छूट है कि वे एकमुश्त टैक्स अदा करने वाली स्कीम में खुद को पंजीकृत करवा लें। जिनकी टर्नओवर 75 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें जीएसटी की अदायगी दर के अनुसार करनी होगी। जीएसटी से व्यापारियों, निर्माताओं को झंझट से छुटकारा मिलेगा।

इकॉनमी में तेजी कैसे आएगी?

चूंकि सारा लेनदेन ऑनलाइन होगा इसलिए निर्माण से लेकर बिकने तक वस्तु का सारा ट्रेल ऑनलाइन होगा। कैश का लेनदेन घटेगा। डिजिटल पेमेंट बढ़ेगी तो इकॉनमी में तेजी आएगी। टैक्स चोरी नहीं हो सकेगी।

हरियाणा की कितनी तैयारी हो चुकी है?

हरियाणा ने जीएसटी लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। दो दिन पहले तक 1.90 लाख से ज्यादा व्यापारियों ने पंजीकृत करा लिया है। प्रशासनिक ढांचा तैयार हो गया है। जीएसटी परिषद ने वस्तुओं पर टैक्स दर तय कर दी है। अब तो बाजार में भी साफ्टवेयर उपलब्ध हैं। सभी स्टेक होल्डर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के अफसरों की बैठकें हो चुकी हैं। जीएसटी के लिए जितनी तैयारी की गई है, इतनी तैयारी वैट लागू करते समय नहीं हुई थी। फिर भी कोई दिक्कत आएगी तो उसे समयानुसार सुधार लिया जाएगा।

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