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आरक्षण उपद्रव के दौरान के 225 अनट्रेस मामलों की जांच के लिए रोहतक पहुंची एसआईटी की टीम

एसआईटी कई मामलों में जल्द ही चार्जशीट कोर्ट में पेश कर सकती है। कई गम्भीर मामलों में एसआईटी कुछ लोगों के पॉलीग्राफ टैस्ट करवाने की भी तैयारी कर रही है।

आरक्षण उपद्रव के दौरान के 225 अनट्रेस मामलों की जांच के लिए रोहतक पहुंची एसआईटी की टीम
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फरवरी 2016 में आरक्षण आंदोेलन के दौरान प्रदेश में जमकर बवाल मचा था। रोहतक में भी लूटपाट, हत्या, आगजनी के करीबन 1211 मामले दर्ज हुए थे। जिनमें से करीबन 225 केस अनट्रेस होने पर सरकार द्वारा हिसार एसआईटी को सौंपे गए। शुक्रवार को एसआईटी की टीम रोहतक पहुंची और अनट्रेस मामलों में छानबीन की।

टीम ने कई घटनास्थलों का निरीक्षण किया और लोगों के बयान दर्ज किए। एसआईटी कई मामलों में जल्द ही चार्जशीट कोर्ट में पेश कर सकती है। इसके अलावा कई गम्भीर मामलों में एसआईटी कुछ लोगों के पॉलीग्राफ टैस्ट करवाने की भी तैयारी कर रही है। इसकी अर्जी जल्द ही कोर्ट में लगाई जाएगी।

गौरतलब है कि फरवरी 2016 में आरक्षण आंदोलन के दौरान रोेहतक, झज्जर, सोनीपत, भिवानी, पानीपत, जींद, हिसार समेत अन्य जिलों में हिंसा हुई थी। इसमें तोड़फोड़, लूटपाट, आगजनी के मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस ने करीब 225 केस को अनट्रेस करार देते हुए सरकार को रिपोर्ट भेजी थी।

जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने हिसार पुलिस की एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। यह एसआईटी रोहतक में लूटपाट, हत्या के कई मामलों में जांच शुरू कर चुकी है। हत्या के एक मामले में कई आरोपित गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। जबकि अन्य मामलों में आरोपितों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।

इसी क्रम में तीन सदस्यीय टीम में एएसआई रवि, एएसआई महेंद्र कुमार और हवलदार जयप्रकाश लघु सचिवालय में पहुंचे। जहां टीम ने पुलिस विभाग के कई अधिकारियोें से मामले से सम्बंधित रिपोर्ट ली। इसके अलावा शहर में कई जगह घटनास्थल का निरीक्षण कर लोगों के बयान दर्ज किए गए।

नितिन के कातिलों का नहीं मिला सुराग

हिंसा के दौरान फरवरी 2016 में ही भीड़ ने किला रोड पर हमला किया था। इस दौरान दुकानदार भीड़ से बाजार बचाना चाहते थे। इस दौरान दोनों तरफ से गोलियां चली थी। इस दौरान किसी व्यक्ति के हथियार से चली गोली नितिन को लग गई जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस इस मामले में शहर के कई व्यापारी नेताओं के बयान दर्ज कर चुकी है लेकिन अभी तक आरोपितों का पता नहीं चल सका है।

जब्त किया था व्यापारी का हथियार

एसआईटी ने जांच पड़ताल के दौरान शहर के एक व्यापारी का हथियार भी जब्त किया था। जिसे जांच के लिए मधुबन लैब में भेजा गया था। एसआईटी का मानना है कि झगड़े के दौरान इस हथियार से भी गोलियां चली थी। नितिन को किसकी गोली लगी यह कहना मुश्किल है। हत्यारों तक पहुंचने के लिए एसआईटी कुछ लोगों का पॉलीग्राफ टैस्ट करवाने की अर्जी कोर्ट में लगाएगी।

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