Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

नर्सिंग कॉलेज पर लगाया जबरन फीस मांगने का आरोप, सात छात्राओं को किया बाहर

छात्राओं का आरोप है कि फीस नहीं जमा कराने की सूरत में उनको कालेज से बाहर कर दिया गया, जबकि वे यहां से दो सेमेस्टर की पढ़ाई कर चुकी हैं।

सांकेतिक फोटोसांकेतिक फोटो

शहर में स्थित एक निजी नर्सिंग कालेज पर छात्राओं के साथ भेदभाव करने व जबरन फीस मांगने का आरोप लगाया है। छात्राओं का आरोप है कि फीस नहीं जमा कराने की सूरत में उनको कालेज से बाहर कर दिया गया, जबकि वे यहां से दो सेमेस्टर की पढ़ाई कर चुकी हैं।

वहीं कालेज प्रशासन ने छात्राओं के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। छात्राओं व उनके परिजनों ने इससे नाराज होकर कालेज परिसर के बाहर हंगामा भी किया। जानकारी के अनुसार एक निजी नर्सिंग कालेज की बीएससी नर्सिंग तृतीय सेमेस्टर की करीब सात छात्राओं को कालेज से बाहर निकाल दिया गया।

कालेज से बाहर निकालने पर उन्होंने अपने परिजनों को बुला लिया। छात्राओं के परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्राओं ने अभी द्वितीय सेमेस्टर का पेपर दिया हुआ है। उसका रिजल्ट भी नहीं आया है। वहीं कालेज प्रशासन ने तीसरे सेमेस्टर की कक्षाएं लगानी शुरू कर दी हैं।

उन कक्षाओं में केवल उन छात्राओं को ही बैठने दिया जा रहा है, जिन्होंने तीसरे सेमेस्टर के 65 हजार रुपए जमा करा दिए। छात्राओं के परिजनों का आरोप था कि उन्होंने पैसे इसलिए नहीं जमा कराए कि अभी रिजल्ट नहीं आया है। रिजल्ट आने के बाद ही वे फीस जमा कराएंगे, मगर कालेज प्रशासन उनकी नहीं सुन रहा।

उन्होंने कहा कि अगर रिजल्ट में छात्राओं के कम नंबर आए या फेल हो गई तो उन्हें दुबारा से सेकेंडर सेमेस्टर पढ़ना होगा। इसलिए रिजल्ट आने से पूर्व नए सेमेस्टर के पैसे मांगना गलत है। उन्होंने कहा कि कालेज प्रशासन के तानाशाह रवैये के कारण छात्राओं का भविष्य अब अंधकारमय हो गया है।

वहीं इस बारे में कालेज के प्राचार्य एबी वर्घेसे का कहना है कि उन्होंने किसी भी छात्रा को बाहर नहीं निकाला। उन पर व संस्थान पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे गलत है। कालेज तो केवल सालाना फीस मांग रहा है, जिसकी वे रसीद भी देंगे।

Next Story
Top