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प्रद्युम्न हत्याकांड में इन लोगों पर भी घूम रही है शक की सूई

रयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युमन की हत्या की गुत्थी सुलझने की बजाए उलझती जा रही है।

प्रद्युम्न हत्याकांड में इन लोगों पर भी घूम रही है शक की सूई
रयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युमन की हत्या की गुत्थी सुलझने की बजाए उलझती जा रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी बस के कंडक्टर अशोक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन, अब कई गवाह सामने आने से हत्या में किसी और के शामिल होने का भी शक हो रहा है।
खास बात यह है कि जांच में स्कूल के ड्राइवर, माली, टीचर्स और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के अलग-अलग बयान आ रहे हैं। सभी में कोई तालमेल नहीं दिख रहा है। ऐसे में शक की सूई आरोपी कंडक्टर के अलावा किसी और का हाथ होने का भी संकेत कर रही है।

सही दिशा में नहीं जा रही जांच

यही वजह है कि प्रद्युमन के पिता वरूण ठाकुर लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि पुलिस जांच सही दिशा में नहीं जा रही है। उसने सिर्फ कंडक्टर को निशाना बनाते हुए अपनी थ्योरी गड़नी शुरू कर दी है। इस गुत्थी को अब सीबीआई ही सुलझा सकती है।
पुलिस की मानें तो कंडक्टर ने चाकू से प्रद्युमन की हत्या की और यह हथियार बस की टूल किट का हिस्सा था। लेकिन, बस का ड्राइवर चाकू को टूल किट पार्ट नहीं मान रहा है। सवाल यह भी है कि अगर चाकू बस की टूल किट का हिस्सा था तो कंडक्टर स्कूल में इसे छिपाकर नहीं ले जाना था।

साक्ष्यों को साथ छेड़छाड़ की गई

साथ ही पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में दुराचार नहीं होने की बात सामने आई है। जबकि कंडक्टर मान चुका है कि उसकी नीयत खराब हो गई थी। इस तरह कंडक्टर का बयान भी विरोधाभासी लग रहा है।
इसके अलावा वारदात के समय घटनास्थल पर साक्ष्यों को साथ छेड़छाड़ की गई थी। सबूतों को मिटाने की कोशिश भी की गई। हैरानी की बात है कि प्रद्युमन की आवाज किसी ने क्यों नहीं सुनी। खास बात यह है कि ड्राइवर, माली, टीचर्स और गवाहों के बयानों में अंतर देखने को मिल रहे हैं।

कुछ छिपाने की हो रही है कोशिश

इससे साफ जाहिर है कि इस कांड में स्कूल के भीतर का कोई और शख्स भी शामिल हो सकता है। जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है और कंडक्टर को बली का बकरा बनाया जा रहा है। उधर, कंडक्टर को परिजन भी उसके निर्दोष होने की दलील दे रहे हैँ। उनका कहना है कि जिसके दो बच्चें हों, वो भला किसी के बच्चे की हत्या क्यों करेगा।
ऐसे में इस मामले में कई और लोग भी शक के दायरे में आ सकते हैं। इसके लिए पुलिस स्कूल प्रशासन के लोगों से भी पूछताछ कर गिरफ्तारी भी कर सकती है। लेकिन, उसकी राह इतनी आसान नहीं दिख रही है।
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