Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

लोकसभा चुनाव का विधानसभा पर नहीं पड़ेगा असर, कुमारी शैलजा के साथ मिलकर चलेंगे अशोक तंवर

हरियाणा विधानसभा चुनावों (Haryana Assembly Election) को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Congress Spokesperson Randeep Surjewala) ने हरिभूमि समूह के प्रधान संपादक 'डॉ. हिमांशु द्विवेदी' से एक्सक्लूसिव बातचीत की है। जिसमें दावा किया है कि लोकसभा चुनावों का असर हरियाणा के विधानसभा चुनावों पर नहीं पड़ेगा। क्योंकि जिन राज्यों में तीन माह पहले कांग्रेस को विधानसभा में बहुमत मिला था।

लोकसभा चुनाव का विधानसभा पर नहीं पड़ेगा असर, कुमारी शैलजा के साथ मिलकर चलेंगे अशोक तंवरRandeep Surjewala Interview lok sabha election not affect assembly election In Haryana

हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर ठीक 27 दिन बाद 21 अक्टूबर को मतदान होगा। और 30 दिन बाद प्रदेश को नई सरकार मिल जाएगी। हरियाणा विधानसभा चुनाव के चढ़ते खुमार के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कैथल से विधायक रणदीप सुरजेवाला ने हर मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा। रणदीप सुरजेवाला की हरिभूमि समूह के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ बातचीत के प्रमुख अंश-ः

प्र. हरियाणा चुनावों की घोषणा हो चुकी है, कांग्रेस पार्टी फिर मैदान में है। किस लिए मैदान में है?

एक नए हरियाणा के निर्माण को लेकर मैदान में है। मनोहर लाल खट्टर सरकार-भाजपा अहम और वहम की शिकार है। मंदी और तालाबंदी पहचान बन गई है। प्रांत बदलाव चाहता है। उस बदलाव के लिए कांग्रेस मैदान में है।

प्र. लोकसभा चुनाव में भी ये आत्मविश्वास था। उसके बावजूद भी हौंसला टूटा नहीं है।

जनता जनार्दन है, जो निर्णय करे उसे स्वीकार करना हमारा धर्म भी है और कर्तव्य भी है। लेकिन विपक्ष में जो मौजूदा परिस्थिति है उसका आंकलन कर जनता के समक्ष रखना मेरा है। सच्चाई ये है कि मनोहर लाल जी बहुत ज्यादा अहंकार में हैं। कभी 70 पार तो कभी 100 पार का नारा दे रहे हैं। जबकि 90 की तो विधानसभा है। पांच साल पहले जो 36 बिरादरी के लिए माना जाता था उस प्रांत को, भाईचारे को तहस नहस कर पांच साल बाद किस बात का जनादेश मांग रहे हैं। भाजपा को प्रायश्चित करना चाहिए। पांच साल में जिस तरह प्रांत को कर्ज के बोझ में दबाया, भाईचारे को तोड़ा, बेरोजगारी चरम पर है, अपराध में नंबर एक हैं। ऐसा प्रदेश जो तरक्की पसंद था उसे आपने विनाश की तरफ धकेल दिया। उसके लिए बदलाव की आवश्यकता है।

प्र. जनता जनार्दन लगातार जनादेश दे रही है। फैसला आपके खिलाफ दे रही है। आप हरियाणा में बदलाव चाहते हैं जनता कांग्रेस में बदलाव चाहती है।

जो कांग्रेस को संगठनात्मक बदलाव करना है वो किया गया है। हम और भी आगे बढ़े हैं। इसका ये मतलब नहीं है हमारे पिछले दोनों साथियों में कोई कमी थी। बदलाव निरंतर प्रक्रिया है। दस वर्ष तक कांग्रेस भी तो सत्ता में रही। तब भाजपा हांशिए पर थी। पांच साल पहले जिस प्रदेश को संवार कर गए थे। उसे भाजपा ने तहस नहस कर दिया। रोजी और रोटी के लाले पड़े हैं। हरियाणा की जनता मनोहर सरकार को उसकी सजा देगी।

प्र. जनता के बीच में गए तो थे चार महीने पहले। दस की दस सीटें दी थी हरियाणा ने भाजपा को। आप आत्ममंथन की जरुरत क्यों महसूस नहीं कर रहे?

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में हरियाणा का चुनाव हुआ। हरियाणा ही क्यों जहां-जहां हमारी सरकार हैं वहां पर भी जनादेश वापस ले लिया। उदाहरण के तौर पर राजस्थान और मध्यप्रदेश की सरकारें। तीन माह पहले जनता ने हमें जनादेश दिया लेकिन लोकसभा चुनावों में हमसे वापस ले लिया। देश और प्रदेश का चुनाव अलग-अलग बात है। प्रदेश चुनाव में मनोहर लाल खट्टर की सरकार का आंकलन होगा।

प्र. हरियाणा कांग्रेस में क्या बदलाव किए गए। जिन्हें हार का जिम्मेदार मानते थे उन्हें ही कमान सौंप रहे हैं।

कांग्रेस के पास एक अपना नेतृत्व और तरीका है। किसी व्यक्ति को वैचारिक विरोध हो सकता है। लेकिन सब बातों पर सोच विचार कर सोनिया गांधी ने फैसला लिया। परिवार का मुखिया यदि कोई फैसला कर दे तो उसपर सब को आगे बढ़ना चाहिए। आज एक दूसरे से वैचारिक मतभेद उजागर कर पार्टी को कमजोर करने का समय नहीं है। आज नए हरियाणा के निर्माण का समय है।

प्र. ये किस तरह का बदलाव था। जिसमें नया अध्यक्ष चार्ज ले रहा है और पुराना अध्यक्ष मौजूद नहीं था।

राजनीति असहज है। राजनीति की भी कई मान्यताएं सहज नहीं होती। एक उदाहरण दूं भारतीय जनता पार्टी में रामबिलास शर्मा अध्यक्ष रहे। लेकिन जब मुख्यमंत्री बनाने की बारी आयी तो उन्हें मक्खी की तरह निकाल दिया गया। लेकिन जो कभी चुनाव नहीं लड़े उन्हें सीधा उठाकर मुख्यमंत्री बना दिया गया। उस समय भी कई असहज होंगे। ये राजनीति का तौर तरीका है।

प्र. अशोक तंवर ने कहा कि चुनाव में जितना पुरानों ने सहयोग किया उतना वो भी कर देंगे। चुनाव के समय ऐसी भाषा में आप कितने सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं?

मैं जितना अशोक तंवर को जानता हूं वो कुमारी शैलजा के साथ मिलकर चलेंगे। पार्टी में सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के गुरू कौन हैं लालकृष्ण आडवाणी। यदि वो न होते तो गुजरात दंगों के वक्त अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने सबसे पहला काम उन्हें जबरन सेवानिवृत कर किया। ये राजनीति है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि विचारों की भिन्नता के बावजूद भी इकट्ठे नहीं चल सकते। हरियाणा में पार्टी इकट्ठा होकर चलेगी।

Next Story
Top