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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, दीवाली पर रात आठ से दस बजे तक ही बजा सकेंगे पटाखे

डीसी आरएस वर्मा ने बताया कि जिला की सीमा में पटाखों की बिक्री को लेकर 17 अक्तूबर को सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी किए गए आदेशों की निरंतरता में नए आदेश जारी किए हैं।

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पटाखों से होने वाले प्रदूषण के मद्देनजर प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। इसके तहत जिला मजिस्ट्रेट आरएस वर्मा ने जिले में सिर्फ ग्रीन पटाखे बेचे जाने के आदेश जारी किए हैं। वाइट क्रेकर यानी लड़ी वाले पटाखों पर बैन रहेगा। वहीं पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस विक्रेता ही कर सकेंगे।

इसके अलावा साईलेंट जोन (अस्पताल, स्कूल) में कोई पटाखे नहीं चलाए जा सकते। साथ ही विदेशों से आयतित पटाखों की बिक्री पर भी रोक रहेगी। कम्यूनिटी कार्यक्रम आयोजित कर खुले स्थान पर पटाखे चलाने के लिए स्थान भी निर्धारित किए जाएंगे, लेकिन दीपावली के दिन शाम 8 बजे से रात 10 बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी।

डीसी आरएस वर्मा ने बताया कि जिला की सीमा में पटाखों की बिक्री को लेकर 17 अक्तूबर को सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी किए गए आदेशों की निरंतरता में नए आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए आदेशों की अनुपालना में यह आदेश जारी किए गए हैं।

स्कूल में पटाखों से होने वाले प्रदूषण बारे करेंगे जागरूक

सीएमओ इस संबंध में स्वास्थ्य को लेकर लोगों को एक एडवाइजरी जारी करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों में पटाखे चलाने से पर्यावरण व स्वास्थ्य को होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताएंगे। सभी एनजीओ के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। विभिन्न आरडब्लूए व मार्केट एसोसिएशन भी अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करेंगी।

इन पटाखोें पर रहेगा बैन

ई-कामर्स के जरिए पटाखों की कोई बिक्री नहीं होगी। बेरियम साल्ट से बने पटाखे तथा लिथियम, आर्सेनिक एंटीमनी, लैड मरकरी व साटरोटियम क्रोमेंट, कंपाउंट केमिकल युक्त पटाखों को रखने, बेचने व प्रयोग करने पर रोक लगाई गई है। इन आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे पटाखे जो पहले से ही निर्मित हो चुके हैं परंतु इम्परूव्ड ग्रीन केटेगरी व फायरवक्र्स के मानदंड पूर्ण नहीं करते उन्हें भी रखने, बेचने व प्रयोग में लाने पर रोक रहेगी। पीईएसओ के निर्देश के अनुसार सिर्फ ग्रीन श्रेणी में (प्रदूषण रहित) आने वाले विशेष कैमिकल से बने पटाखे ही प्रयोग किए जा सकते हैं।

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