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प्रदूषण विभाग ने बावल नगर पालिका पर ठोका दो लाख का जुर्माना, भुगतान के लिए दिया 7 दिन का समय

कभी प्रदूषण तो कभी अतिक्रमण या अन्य मामलों में नगर पालिका या नगर परिषद को दूसरों से जुर्माना वसूलने वाली बावल नगर पालिका को अब खुद 2 लाख रुपए का जुर्माना देना होगा।

फाइल फोटो
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फाइल फोटो

कभी प्रदूषण तो कभी अतिक्रमण या अन्य मामलों में नगर पालिका या नगर परिषद को दूसरों से जुर्माना वसूलने वाली बावल नगर पालिका को अब खुद 2 लाख रुपए का जुर्माना देना होगा। जिसके लिए खुद के साथ-साथ रेवाड़ी नगर परिषद व धारूहेड़ा नगर पालिका भी बराबर की जिम्मेदार हैं। जी हां प्रदूषण नियमंत्रण कंट्रोल बोर्ड के रीजनल सेंटर धारूहेड़ा ने 6 नवंबर को रामसिंहपुरा में बने डंपिंग स्टेशन में डाले जाने वाले कूड़े से उठ रहे धुंए को प्रदूषण का कारण मानते हुए एक लाख रुपए की जुर्माना राशि ठोकते हुए भुगतान के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।

इससे पहले भी प्रदूषण बोर्ड ने बावल नगर पालिका को जनवरी 2017 तथा 9,11,25 अक्टूबर 2019 की रिपोर्ट के आधार पर 1 लाख रुपए का जुर्माना किया था। जिसका अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। 6 नवंबर को दूसरी बार ऐसा करते पकड़े जाने के बाद प्रदूषण विभाग अब तक बावल नगर पालिका पर दो लाख का जुर्माना लगा चुका है। खास बात यह है कि यदि डंपिंग स्टेशन से उठने वाले धुएं के लिए कर्मचारी व अधिकारियों दोषी मिले तो जुर्माना राशि उनसे वसूली जाएगी। यदि सिस्टम की खामी पाई गई तो 6 नवंबर को लगाए गए जुर्माने की राशि रेवाड़ी नप तथा बावल व धारूहेड़ा नपा से तीन हिस्सों में बांटकर वसूली जाएगी।

यह था मामला

हाईवे के पास रामसिंहपुरा में कूड़ा डालने के लिए सोलिड वेस्ट मैनेजमेट प्लंट बनाया हुआ है। जहां बावल के अलावा रेवाड़ी परिषद तथा धारूहेड़ा नगर पालिका का कूड़ा डाला जाता है। डंपिंग स्टेशन में पड़े कूड़े से अक्सर धुआं निकलने से आसपास प्रदूषण फैलता रहता है। जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है। 6 नवंबर को डंपिंग स्टेशन से निकल रहे धुएं को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बावल नगर पालिका पर दोबारा से एक लाख रुपए का जुर्माना किया है।

इससे पहले भी इसी वर्ष एक लाख रुपए का जुर्माना किया गया था। डंपिंग स्टेशन में पड़े कूड़े से निकलने वाले धुएं को प्रदूषण बोर्ड ने इंवायरमेंट पॉलूशन एथोरिटी (सीईपीएस), ग्रेडिड रिस्पोंस एक्शन प्लान (जीआरएपी) व मिनिस्ट्री ऑफ इंवायरमेंट फोरस्ट एंड क्लाइमेंट चेंज (एमओएफएफ$सीसी) के नियमों का उल्लंघन करार दिया है।

सभी विभागों से मांगा सहयोग

एनसीआर में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। जिससे सख्ती से निपटने की जरूरत है। जिसके लिए सभी विभागों के साथ आमजन द्वारा सामूहिक प्रयास किए जाने की जरूरत है। बावल नगर पालिका पर अब तक दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है। यदि सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। डॉ. कुलदीप कुमार, रीजनल अधिकारी

केस पढ़ने के बाद होगा फैसला

रामपुरा डंपिंग स्टेशन में बावल, रेवाड़ी तथा धारूहेड़ा का कूड़ा जाता है। जहां कूड़े से धुआं निकलने की समस्या लंबे समय से चली आ रही है तथा बार-बार हिदायतों के बावजूद इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। प्रदूषण से सख्ती से निपटने का संदेश देने के लिए जुर्माना लगाया गया है। केस स्टडी में यदि अधिकारी व कर्मचारी दोषी मिले तो जुर्माना राशि उनसे व्यक्तिगत वसूली जाएगी। यदि सिस्टम की कमी पाई गई तो जुर्माना राशि तीनों निकायों में बराबर बांट दी जाएगी। भविष्य में इस दुरूस्त नहीं किया गया तो और अधिक कड़े कदम उठाने से गुरेज नहीं किया जाएगा। यशेंद्र सिंह, जिला उपायुक्त

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