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अंबाला में धान की खरीद शुरू, फिर भी किसानों के चेहरे लटके

सरकार दावा कर चुकी है कि किसानो की फसल का एक एक दाना खरीदा जाएगा, लेकिन जो हालात दिख रहे है, उससे ऐसा बिल्कुल नहीं लगता।

धान खरीदी को लेकर केंद्र के फैसले के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में कांग्रेस, 2 नवंबर को बन सकती है रणनीतिCongress preparation for agitation against Center's decision on paddy purchase

अंबाला की मंडियो में धान की खरीद फिर से शुरू हो गई है, लेकिन फिर भी किसान मायूस है। कारण यह है कि मंडियो में अब केवल उन किसानो से धान की खरीद की जा रही है, जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ हैै। कुछ किसान ऐसे भी है, जिनका नाम पहले गांव में आकर अधिकारी नोट कर गए थे, लेकिन उनका नाम पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हुआ, जिस कारण ऐन समय पर फिर से किसानो को परेशानी हो गई है।

हालांकि सरकार दावा कर चुकी है कि किसानो की फसल का एक एक दाना खरीदा जाएगा, लेकिन जो हालात दिख रहे है, उससे ऐसा बिल्कुल नहीं लगता। अभी कुछ किसानो की फसल तो खेतो में ही खड़ी है। आवश्यकता से अधिक पहुंचा मंडियो में धान-हरियाणा में धान का समर्थन मूल्य 1850 रुपए है, जबकि निकटवर्तर्ी राज्यो यूपी, पंजाब आदि में समर्थन मूल्य हरियाणा से 200 रुपए कम है। अंबाला शहर अनाज मंडी में ही इस बार पिछले सीजन की तुलना में 5 लाख किवटल अधिक धान आया है।

शहर मंडी में अब तक 3046391 क्विंटल धान की आवक हुईर् है। इसी प्रकार अंबाला छावनी में इस सारल 376805 क्विंटल धान पहुंची है, जोकि पिछले साल से 1 लाख क्विंटल अधिक है। इसके अलावा अन्य मंडियो में आवश्यकता से अधिक धान की आवक हो चुकी है। मंडियो में दिवाली से दो दिन पूर्व धान की खरीद यह कहकर बंद कर दी गई थी कि धान का टारगेट पूरा हो चुका है। इसके बाद किसानो ने अंबाला-हिसार हाइवे पर जाम भी लगा दिया था। जिसके बाद एक दिन के लिए फिर से खरीद शुरू हुई, लेकिन फिर से बंद कर दी गई। अब गत दिवस 3 बजे से खरीद शुरू कर दी गई है और केवल उनकी फसल खरीदी जा रही हैं, जिन्होने पोर्टल पर अपना नाम रजिस्टर्ड करवाया हुआ हैै।

यूपी पंजाब वाले बेच गए धान-अंबाला में यूपी पंजाब वाले किसान अपनी फसले बेचकर जा चुके हे, जबकि हरियाणा वाले अभी भी धान लेकर बैठे है कि सरकार उनका धान खरीद ले। विपक्षी नेताओ का आरोप है कि सरकार के अधिकारियो की मिलीभगत से अन्य राज्यो की फसल खरीदी जा चुकी है और हरियाणा वालो की कोई सुध नहीं ली जा रही। उनका यह भी कहना है कि धान खरीद में करोड़ो रुपए का घोटाला किया गया है।

सुल्लर के पूर्व सरंपच व किसान रतन सिंह, किसान करनैल सिंह व अन्य ने बताया कि उनकी 10 ट्राली धान अभी भी मंंडी में पड़ी है। जबकि 20 एकड़ फसल अभी खेतो में खड़ी है। उन्होने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के लिए उनका नाम लिया गया था, लेकिन अब उनका नाम उस पोर्टल पर नहीं है, जिस कारण उनकी धान खरीदी नहीं जा रही। इसी प्रकार गांव जलबेड़ा के किसान जरनैल, दीपक, आसा सिंह ने बताया कि उनका नाम भी पोर्टल के लिए लिया गया था, लेकिन अब नाम नहीं है।

उनका धान भी खरीदा नहीं गया है। पोर्टल के तहत धान की खरीद शुरू होने के बाद पर्ची काउंटर पर भारी भीड़ शुरू हो गई है। अब देखना यह है कि सरकार इस समस्या से कैसे निटपती हैै और किसानो की सहायता के लिए क्या कदम उठाती है। सरकार खरीदेे एक एक दाना-मार्केट कमेटी अंबाला के वाइस चेयरमैन भारत भूषण अग्रवाल ने बताया कि अभी भी अंबाला शहर अनाज मंडी में लाखो बोरी धान पड़ा हुआ है, जिसकी लिफिटंग व खरीद बंद पड़ी थी। उन्होने कहा कि सरकार को किसानो की सहलूयित के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए और किसानो की फसल का एक एक दाना खरीदा जाए।

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