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सोनीपत : रेफर व अव्यवस्था का शिकार हुई 11 दिन की नवजात बच्ची

स्वास्थ्य कर्मी बच्ची के आक्सीजन के साथ एम्बुलेंस के पास लेकर पहुंचे। जहां स्वास्थ्य कर्मी को एम्बुलेंस में ऑक्सीजन ऑन करना ही नहीं आया। जिसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ी देख कर्मचारी उसे वापिस लेकर नर्सरी में पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

छह दिन की नवजात बच्ची के पेट में मिला बच्चा !सांकेतिक फोटो

नागरिक अस्पताल में अवस्था व एम्बुलेंस मिलने में हुई देरी ने एक ओर नवजात बच्ची को अपनी आगोश में समा लिया। अस्पताल में गर्म पानी ऊपर गिरने से घायल बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल के एनएसयू में भर्ती करवाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। नवजात बच्ची को एम्बुलेंस मिलने में काफी समय लग गया।

स्वास्थ्य कर्मी बच्ची के आक्सीजन के साथ एम्बुलेंस के पास लेकर पहुंचे। जहां स्वास्थ्य कर्मी को एम्बुलेंस में ऑक्सीजन ऑन करना ही नहीं आया। जिसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ी देख कर्मचारी उसे वापिस लेकर नर्सरी में पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गत दिनों पहले भी सड़क हादसे में घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद एम्बुलेंस मिलने में देरी हुई थी। परिसर में खड़ी एम्बुलेंस में तेल डलवाने की परमिशन न मिलने पर दूसरी एम्बुलेंस को आने में देरी हो गई थी। चण्डीगढ़ से तेल डलवाने की परमिशन समय पर न मिलने पर आमजन को जान गवांकर खामियाजा भुगतना पड़ रहा हैं।

गांव दहिसारा निवासी सरस्वती ने 11 दिन पहले बच्ची को जन्म दिया। बृहस्पतिवार को घर पर अज्ञात कारणों के चलते बच्ची के शरीर पर गर्म पानी गिर गया। परिजन बच्ची को समय पर अस्पताल लेकर नहीं पहुंचे। देशी नुस्के के सहारे बच्ची का उपचार करने पर लगे रहे।

सोमवार को बच्ची की तबीयत ज्याद खराब हुई तो महिला बच्ची को लेकर नागरिक अस्पताल स्थित नर्सरी में पहुंची। अस्पताल में बच्ची को सुबह 9.42 पर लाया गया। नर्सरी में तैनात चिकित्सक ने बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।

रेफर स्लिप व कॉल के बाद समय पर नहीं मिली एम्बुलेंस-

नर्सरी में तैनात कर्मचारी ने बताया कि सुबह 10.17 मिनट पर कंट्रोल में कॉल कर एम्बुलेंस लगाने की बात कही। उसके बाद कर्मचारी ने एम्बुलेंस ने तेल न होने की बात कही। 10.25 पर एम्बुलेंस की पर्ची तैयार कर कंट्रोल कक्ष में कर्मचारी हो दी। बच्ची को एम्बुलेंस मिलने में 11.04 मिनट तक समय लग गया। बच्ची को लेकर जाने के लिए एम्बुलेंस में आक्सीजन जरूरी थी। एम्बुलेंस के पास भेजे गया कर्मचारी ऑक्सीजन को स्टॉट नहीं कर पाया। जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मी काफी देर तक मशक्त करते रहे।

एनएचएम कर्मचारी बैठक में रहे व्यस्त-

सोमवार सुबह बच्ची को रेफर करने की स्लिप व नर्सरी से स्वास्थ्य कर्मी ने कॉल कर कंट्रोल में अवगत करवा दिया। उसके बाद भी बच्ची के लिए एम्बुलेंस मिलने में देरी हो गई। एम्बुलेंस पर तैनात ईएमटी ने खुद को मिटिंग में व्यस्त होने बताया। उनकी जगह पर स्वास्थ्य कर्मी को एम्बुलेंस के पास भेजा गया। जिसे एम्बुलेंस में ऑक्सीजन चलाना नहीं आया। बच्ची की हालत अचानक ज्यादा खराब हो गई। स्वास्थ्य कर्मी बच्ची को लेकर तुरंत नर्सरी में पहुंचे। जहां चिकित्सक ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

चण्डीगढ़ से नहीं मिलती समय पर तेल डलवाने की परमिशन-

एम्बुलेंस में तेल डलवाने के लिए विभाग की तरफ से कार्ड उपलब्ध करवाये गये थे। कार्ड के माध्यम से चालक एम्बुलेेंस में तेल डलवाता था, लेकिन अब सुबह 10 बजे व शाम को 5 बजे एम्बुलेंस में तेल डलवाने के लिए चण्डीगढ़ विभाग में मेल करनी पड़ती हैं। मेल का उत्तर आने में घंटों तक का समय लग जाता हैं। जिसके कारण समय पर लोगों को एम्बुलेंस सेवा नहीं मिल पा रही हैं।

एम्बुलेंस में नहीं था तेल, दूसरी एम्बुलेंस आने में हो गई थी देर-

कुछ दिनों पहले सड़क हादसे में घायल महिला को अस्पताल में लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को रेफर कर दिया था। परिसर में खड़ी एम्बुलेंस में तेल डलवाने की परमिशन न मिलने के कारण दूसरी एम्बुलेेंस को जीएच पर बुलाना पड़ा। उक्त एम्बुलेंस में तेल डलवाने के लिए सुबह 10 बजे मेल की गई थी, लेकिन परमिशन करीब 12.53 पर मिली थी। एम्बुलेंस आने में काफी देरी हो गई। घायल महिला को रोहतक लेकर जाते समय खरखौदा के पास मौत हो गई थी।

बच्ची पर गर्म पानी गिरने के कारण उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। बाहरी त्वचा काफी जल चुकी थी। एम्बुलेंस मिलने में हो रही देरी के मामले की जांच की जायेगी। कर्मचारी किसके आदेश में मिटिंग कर रहे थे। उन्हें जानकारी नहीं हैं। जांच के बाद लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। डा. आदर्श शर्मा, प्रधान चिकित्सा अधिकारी

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