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MDU MA Geography Paper: ओसियन ज्योग्राफी और ट्रांसपोर्ट ज्योग्राफी के पेपर में गड़बड़झाले का अंदेशा

एमए ज्योग्राफी के पेपर ओसियन ज्योग्राफी और ट्रांसपोर्ट ज्योग्राफी के पेपर के मूल्यांकन में छात्रों ने गड़बड़झाले का अंदेशा जताया है।

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा, डिजिटल एजुकेशन की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत
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हरिभूमि न्यूज. रोहतक। एमए ज्योग्राफी के पेपर ओसियन ज्योग्राफी और ट्रांसपोर्ट ज्योग्राफी के पेपर के मूल्यांकन में छात्रों ने गड़बड़झाले का अंदेशा जताया है। इसको लेकर सोमवार को जाट कालेज, पंडित नेकीराम राजकीय महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय के छात्र और छात्राएं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय पहुंचे। ये छात्र करीब डेढ़ घंटे तक प्रशासनिक भवन के बाहर बैठे रहे। इसके बाद कुलपति के ओएसडी महेंद्र सिंह मुलाकात की और समस्या से अवगत करवाया। कुलपति ने छात्रों को बताया कि परीक्षा नियंत्रक से इस बारे में मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करवा दें। ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके।

आरोप अधिकांश छात्र अनुत्तीर्ण

छात्राें का आरोप है कि इन दोनों पेपरों में अधिकांश को फेल कर दिया गया है। जबकि सभी छात्रों के पेपर अच्छा हुआ था। परीक्षार्थियों ने सभी प्रश्न हल किए, लेकिन किसी को दस तो किसी को मुश्किल से बीस अंक ही दिए गए हैं। जो छात्र पास हुए हैं, उनके अंक भी काफी कम हैं। जब ये छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे थे तो उस समय कुलपति प्रो. राजबीर सिंह और कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा विश्वविद्यालय के काम को लेकर कैम्पस से बाहर जा चुके थे। यह जानकारी छात्रों को काफी देर के बाद मिली। छात्र अपनी शिकायत के बारे में कुलपति और कुलसचिव को अवगत करवाने पहुंचे थे।

13 को घोषित हुआ परिणाम

आदित्य, नैंसी, पूजा, उदित, मोहित, नवीन, रोहित, सोनम, मधु, इंदू, मोनिका समेत अनेक छात्रों ने बताया कि एमए ज्योग्राफी तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा 13 दिसम्बर 2019 को आयोजित की गई थी। इसका परिणााम गत 12 फरवरी को घोषित किया गया है। छात्रों ने कहा कि परिणाम देखकर हम सब भौचक्के रह गए। क्योंकि अधिकांश छात्र इन पेपरों में फेल थे। जब इसकी शिकायत अपने कॉलेज प्रबंधनों से की तो कहा गया कि हम कुछ भी नहीं कर सकते हैं। क्योंकि परीक्षा से संबंधित सभी कार्य यूनिवर्सिटी खुद करती है। छात्राें ने बताया कि हम सब इसलिए यूनिवर्सिटी पहुंचे हैं।



यह है प्रावधान

विश्वविद्यालय की नियमावली के अनुसार अगर किसी भी पेपर में 80-90 प्रतिशत छात्र अनुत्तीर्ण हो जाते हैं तो छात्रों की मांग पर उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा से मूल्यांकन करवाया जा सकता है। सोमवार को उनसे मिले छात्रों को परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने बताया कि छात्रों की समस्याएं हल करना विश्वविद्यालय की ड्यूटी है। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि अगर छात्रों को अगर यह अंदेशा है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कोई गड़बड़ी है तो मामले की जांच करवा दी जाएगी।

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने कहा, "पंडित नेकीराम राजकीय महाविद्यालय के 50 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हैं। फिर भी छात्रों की शिकायत पर यूनिवर्सिटी कार्रवाई करेगी।"

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