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मनीष ग्रोवर बोलेः स्वास्थ्य मानकों में सबसे तेज गति से सुधार करने वाला देश का पहला राज्य बन गया हरियाणा

सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा पिछली सरकारों के दौरान अस्पतालों में सुविधाओं का भारी अभाव था और लोग उपचार के लिए इन अस्पतालों में आने से कतराने लगे थे। लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए आ रहे हैं और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल रही है।

Haryana Assembly Election: मंत्री ग्रोवर बोले- लगभग खत्म हो चुकी व्यवस्था को भाजपा ने किया जिंदाHaryana Assembly Election: Manish Grover Says BJP Brought Alive The Almost Finished System

सरकार ने मनुष्य के विकास के लिए जरूरी शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता पर विशेष फोकस किया है। स्वास्थ्य मानकों में सबसे अधिक गति से सुधार करने वाला हरियाणा (Haryana) देश का पहला राज्य बन गया है। ये बात सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर (Manish Kumar Grover) ने बृहस्पतिवार को सामान्य अस्पताल में 6 नई एंबुलेंस के शुभारंभ कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

सामान्य अस्पताल प्रथम

मंत्री ने कहा कि कहा कि नीति आयोग के अनुसार प्रदेश ने अन्य प्रदेशों की तुलना में इन मानकों में 6.55 अंकों की बढ़ोतरी की है। इसी प्रकार हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने आयुष्मान योजना का लाभ देना आरंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के मापदंडों में सामान्य अस्पताल रोहतक को देश में पहला स्थान मिला है।

पिछली सरकारों के दौरान अस्पतालों में सुविधाओं का भारी अभाव था और लोग उपचार के लिए इन अस्पतालों में आने से कतराने लगे थे। लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए आ रहे हैं और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल रही है।

शहर स्वच्छता दूसरे स्थान पर

मंत्री ग्रोवर ने कहा कि स्वस्थ रहने का स्वच्छता ही आधार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर लोगों ने स्वच्छता को अपनाया है। यही कारण है कि देश के स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 में शौचालय सफाई में हरियाणा को पहला स्थान प्राप्त हुआ और इससे पहले हुए सर्वे में रोहतक स्वच्छता के मामले में हरियाणा में दूसरा स्थान मिला था।

उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार लाने के लिए उच्चतर शिक्षा परिषद की स्थापना की गई है। छात्राओं की स्नातक स्तर तक राजकीय तथा सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में ट्यूशन फीस माफ की गई है।

विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में विवाहित छात्राओं को 39 दिन का मातृत्व अवकाश देने का निर्णय लिया गया है। अध्यापकों के लिए नई ऑनलाइन स्थानांतरण नीति बनाई गई है, जिसका दूसरे राज्य की अनुसरण कर रहे हैं। इस अवसर पर सिविल सर्जन अनिल बिरला, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. केएल मलिक, डॉ. नरेंद्र दहिया मौजूद रहे।

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