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शादी की खुशियां मातम में बदलीं, ट्रक की चपेट में आने से तीन बारातियों की मौत

जींद में बारात में शामिल होने आए तीन बारातियों की दुर्घटना में मौत हो गई है। तीनों बाराती अपने घरों के इकलौते चिराग थे।

गाड़ी को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई कार, चार गंभीरट्रक और कार की टक्कर (प्रतीकात्मक फोटो)

जींद में बारात में शामिल होने आए तीन बारातियों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। रामराये और गुलकनी गांव के बीच ट्रक से टक्कर में कार सवार तीनों युवकों की मौत हो गई। जिससे बारात की खुशियां चंद लम्हों में मातम में तब्दील हो गईं। तीनों मृतक अपने-अपने घर के इकलौते चिराग थे।

जानकारी के मुताबिक

कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई। कार सवार युवक जींद बारात में आए हुए थे। इनमें में ममेरा-फूफेरे भाई शामिल हैं। सदर थाना पुलिस ने शवों का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिए। परिजनों की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने फरार ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। गांव मोहम्मदखेड़ा निवासी सचिन (23), गांव सेरदा निवासी सुनील (23) गांव भैणी अमीरपुर निवासी सोनू (19) कार में सवार होकर गांव भैणी अमीरपुर से जींद बारात में शामिल होने के लिए आ रहे थे। गांव गुलकनी तथा रामराये के बीच उनकी कार की सामने से आ रहे ट्रक से सीधी भिड़ंत हो गई। जिसमे सचिन तथा सुनील की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सोनू को गंभीर हालात में पीजीआई ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। सदर थाना के एडशिनल थाना प्रभारी देवीलाल ने बताया कि तीनों दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी में बुरी तरह फंसे हुए थे। सामान्य अस्पताल पहुंचाए जाने पर दो को मृत घोषित कर दिया। जबकि तीसरे को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। जिस पर उसके शव को भी वापस सामान्य अस्पताल लाया गया।

दोस्त के भाई की शादी में डीजे पर जमकर झूमे, बारात जींद पहुंची तो अपने एक और दोस्त को शादी में शामिल कर मस्ती का इरादा था लेकिन महज 15 मिनट में शादी की खुशियां मातम में बदल गई। बाराती ढुकाव की बजाए सामान्य अस्पताल में अपने तीन दोस्तों के शवों को देखकर बिलख रहे थे। जो बाराती अपने दोस्तों के साथ मस्ती के मूड में थे वे अचानक हुए हादसे से हैरान भी थे और उन्हें कोई जवाब भी नहीं सुझ रहा था। रात को हुए दर्दनाक हादसे में तीन दोस्तों की तो जान चली ही गई, साथ में परिजनों को जिंदगीभर का दर्द भी दे गई। तीनों मृतक अपने परिवारों के इकलौते चिराग थे। किसी को भी यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हादसा कैसे हुआ।

कॉलेज में कर रहे थे पढ़ाई

गांव गुलकनी तथा रामराये के बीच रात को कार तथा ट्रक के बीच हुई भिड़ंत में मारे गए कार सवार गांव मोहम्मदखेड़ा निवासी सचिन बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र था, जबकि उसका दोस्त गांव सेरदा निवासी सुनील बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। मृतक सुनील का ममेरा भाई सोनू दसवीं कक्षा का छात्र था। सचिन तीन बहनों के बीच इकलौता चिराग था। जबकि सुनील दो बहनों के बीच अकेला भाई था, इसी प्रकार सोनू तीन बहनों के बीच अकेला भाई था। तीनों युवकों की मौत ने उनके परिजनों को तोड़कर रख दिया है।

15 मिनट में आने का वादा

मृतक सचिन तथा सुनील के दोस्त उमेश ने बताया कि सचिन तथा सुनील दोनों कैथल कॉलेज में पढ़ते थे। उनके दोस्त गांव पाडला निवासी के बड़े भाई की शादी थी। सचिन व सुनील के साथ वह भी बारात में शामिल होने के लिए जींद पहुंचा था। इसी बीच सुनील ने अपनी बुआ के बेटे गांव अमीरपुर भैणी निवासी सोनू को भी शादी में शामिल करने की बात कही। लगभग साढ़े दस बजे उसकी सचिन से बात हुई थी। उस समय उन्होंने कहा था कि वे 15 मिनट में बारात में शामिल हो जाएंगे। 15 मिनट इंतजार के बाद जब फोन किया तो फोन बंद मिला। कुछ समय के बाद पुलिस ने घटना के बारे में उन्हें अवगत करवाया। जब वह अपने दोस्तों के साथ सामान्य अस्पताल में पहुंचा तो तीनों के शव रखे हुए थे। गांव पाडला में घुढचढ़ी के दौरान उन्होंने दोस्तों के साथ खूब मस्ती की थी। बारात में भी मस्ती करने का इरादा था लेकिन हादसे ने उसके तीन दोस्तों को छीन लिया।

यादों के अब कुछ नहीं बचा

मृतक सोनू के चचेरे भाई सुरेंद्र ने बताया कि सोनू परिवार का इकलौता चिराग था। जबकि उसके मामा का लड़का सुनील भी परिवार का इकलौता चिराग था। दोनों के पिता खेतीबाड़ी करते हैं, 'यादा जमीन भी नहीं है। दोनों परिवारों को सोनू तथा सुनील पर आस थी, रात को हुए दर्दनाक हादसे में दोनों परिवारों की आस भी टूट गई। अब उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वह उनके माता-पिता तथा बहनों को किस प्रकार दिलासा देंगे। जिसके साथ ही वह फफक फफक कर रोने लगा।


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