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दवाई लेने आयीं युवतियों का वीडियो बनाकर टिकटॉक पर डाला, अब पुलिस पड़ी पीछे

जींद के अस्पताल में दवाई लेने पहुंची लड़कियों के गलत नीयत से बनाकर वीडियो टिकटॉक पर डाल दिए गए हैं। वीडियो बनाकर टिकटॉक पर डालने वाले को ढूढ़ने में पुलिस जुट गई है।

Video of girls who came to the hospital to take medicines, made a video and put it on Tiktok, now the police came backदवाई लेने आयीं युवतियों का वीडियो टिकटॉक पर डाला (फाइल फोटो)

जींद स्थित नागरिक अस्पताल में दवा लेने के लिए आई तीन लड़कियों की वीडियो बना कर टिक-टॉक पर डालने वाले की अब खैर नहीं है। जिस भी युवक ने यह वीडियो बना कर टिक-टॉक पर डाला है। उस तक पुलिस किसी भी क्षण पहुंच सकती है। इस मामले में शीघ्रता से कार्रवाई को लेकर पुलिस ने नागरिक अस्पताल से मदद मांगी है और उस दिन की वीडियो फुटेज मांगी गई है जिस दिन यह वीडियो बना कर टिक-टॉक पर डाला गया है। नागरिक अस्पताल प्रशासन द्वारा भी उस दिन की फुटेज को पुलिस को उपलब्ध करवा दिया है।

अस्पताल में दवा लेे आयीं थी

गत नौ अक्तूबर को तीन लड़कियां दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल आई थी। अस्पताल में आने के बाद वह रजिस्ट्रेशन वाले काउंटर पर पहुंची। उस दौरान किसी युवक ने उन तीनों लड़कियों की वीडियो बना ली और वीडियो में एडिटिंग कर इसमें हरियाणवी सॉग को जोड़ कर टिक-टॉक पर डाल दिया। तीनों लड़कियां उस दिन तो दवाई लेकर चली गई। घर जाने के बाद उन्हें टिक-टॉक पर उनकी वीडियो देखी तो वह यह देखकर हैरान रह गई कि जब उन्होंने कोई वीडियो बनाई ही नहीं थी तो ये वीडियो कैसे बनाई गई। उन्होंने तुरंत इस वीडियो के बारे में परिजनों को बताया और परिजन तीनों लड़कियों को लेकर महिला थाना पुलिस पहुंचे और वीडियो बनाने वाले अज्ञात युवक के खिलाफ शिकायत दी।

रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास बनाया वीडियो

वीडियो को देखने से साफ दिखाई दे रहा था कि वह वीडियो अस्पताल के पास रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास की है। अस्पताल में पर्ची बनवाने से लेकर दवाइयां लेने तक की जगह आस-पास युवा बैठे रहते हैं। वहां पर मरीजों के लिए लगाई गई कुर्सियों पर युवा ही बैठे रहते हैं वहीं मरीजों को वहां खड़ा होने तक की जगह नहीं मिल पाती है।

सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं

नागरिक अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए सिक्योरिटी के रूप में लगभग 50 के करीब युवा तैनात किए हुए हैं। इसके बावजूद भी अस्पताल में कहीं भी सिक्योरिटी का नाम तक नहीं है। सिक्योरिटी को लेकर न तो अस्पताल प्रबंधन गंभीर है और न सिक्योरिटी के लिए तैनात किए गए युवा है। ऐसे में मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

मामले में आईटी सेल कर रही है जांच

डीएसपी पुष्पा खत्री ने बताया कि मामला आईटी सेल को सौंपा जा चुका है। इस मामले की जांच की जा रही है। टिक-टॉक बनाने वाले आईडी यूजर तक शीघ्र ही पुलिस पहुंच जाएगी। नागरिक अस्पताल प्रशासन से उस दिन की वीडियो फुटेज भी मांगी गई है। मामले में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

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