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जाट आंदोलन: हरियाणा ने केद्र सरकार से मांगे 1000 करोड़ रुपये

हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से आग्रह किया है कि राज्य को 1000 करोड़ रुपये की सहायता दी जाए।

जाट आंदोलन: हरियाणा ने केद्र सरकार से मांगे 1000 करोड़ रुपये
नई दिल्ली. केंद्र ने शनिवार को मनरेगा की खातिर राज्यों के लिए अपनी हिस्सेदारी की 12,230 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की। हाल में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को योजना के लिए पर्याप्त धनराशि जारी ना करने के लिए फटकार लगाई थी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि एक बार में जारी की गई यह सबसे बड़ी धनराशि है। ग्रामीण विकास मंत्री बीरेन्दर सिंह ने कहा कि उनके मंत्रालय ने प्रमुख योजना मनरेगा के कार्यान्यवन के लिए राज्यों को 12,230 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।
आरक्षण आंदोलन के दौरान आठ जिले ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में 555 करोड़ की निजी अचल संपत्तियों के 2077 मुआवजे के दावे प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा सरकारी संपत्ति और निजी वाहनों के नष्ट किए जाने की भी रिपोर्ट मिली है। फिलहाल राज्य सरकार ने अपने योजना बजट के कोष को परिवर्तित करके पीड़ितों को अंतरिम राहत राशि प्रदान की है।
एक प्रवक्ता ने बताया कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को यह भी सूचित किया गया है कि आंदोलन के दौरान मानवकृत आपदा में संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। जिसके लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध करवाना अनिवार्य था। छह अप्रैल तक मुआवजे के रूप में 53.63 करोड़ दिए गए हैं।
हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से आग्रह किया है कि राज्य को 1000 करोड़ रुपये की सहायता दी जाए। ताकि आरक्षण के दौरान हिंसा और आगजनी से पीड़ितों को मुआवजा और राहत प्रदान की जा सके। राज्य की पुन:निर्माण व पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि फरवरी में जाट आरक्षण आंदोलन से हुई अशांति के दौरान भारी नुकसान हुआ था।
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