Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

औरंगजेब के डर से बन गए थे मुस्लिम, अब तीस परिवारों ने वापस अपनाया हिंदू धर्म

हिंदू रीति-रिवाज से जीवनयापन कर रहे गांव बिठमड़ा में रहने वाले 30 मुस्लिम परिवारों ने करीब 300 साल पुरानी परंपरा तोड़कर शुक्रवार हिंदू धर्म में वापसी कर ली। डूम समाज से ताल्लुक रखने वाले इन परिवारों के मुखिया ने कहा कि औरंगजेब के समय उनके पूर्वज हिंदू थे, जिन्होंने दवाब में आकर मुस्लिम धर्म अपना लिया था, लेकिन आज हम सभी ने बिना किसी दबाव के हिंदू धर्म में वापसी की है।

औरंगजेब के डर से बन गए थे मुस्लिम, अब तीस परिवारों ने वापस अपनाया हिंदू धर्म
X
धर्म

उकलाना मंडी। हिंदू रीति-रिवाज से जीवनयापन कर रहे गांव बिठमड़ा में रहने वाले 30 मुस्लिम परिवारों ने करीब 300 साल पुरानी परंपरा तोड़कर शुक्रवार हिंदू धर्म में वापसी कर ली। डूम समाज से ताल्लुक रखने वाले इन परिवारों के मुखिया ने कहा कि औरंगजेब के समय उनके पूर्वज हिंदू थे, जिन्होंने दवाब में आकर मुस्लिम धर्म अपना लिया था, लेकिन आज हम सभी ने बिना किसी दबाव के हिंदू धर्म में वापसी की है। बता दें कि शुक्रवार को सतबीर सिंह ने अपनी माता फूलीदेवी का अंतिम संस्कार बिठमड़ा के स्वर्ग आश्रम में हिंदू रीति रिवाज से किया।

स्वेच्छा से बदला धर्म

सतबीर ने बताया कि परिवार में कोई सदस्य मर जाता था तो हम उसे दफनाते या मिट्टी देते थे, लेकिन आज हमने स्वेच्छा से हिंदू रीति-रिवाज के द्वारा यह अंतिम संस्कार किया और हम सबने हिंदू धर्म में अर्थात अपने घर में वापसी कर ली है। हमारे परिवार के बुजुर्ग यहां आजादी से पहले गांव दनौदा से बिठमड़ा में आकर बस गए थे। तब से लेकर अब तक हमारे 30 परिवार इस गांव में गुजर बसर कर रहे है। उन्हाेंने बताया कि पूरे गांव ने इस फैसले का स्वागत किया है। सतीश पातड़ ने बताया कि डूम के परिवार के सदस्यों ने बिना किसी दबाव और अपनी इच्छा से हिंदू धर्म में वापसी की है। पूरे गांव ने इनके इस फैसले का सम्मान किया है।

Next Story