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बसपा-जजपा का गठबंधन हरियाणा चुनाव से पहले टूटा, ये निकली वजह

Haryana Vidhan Sabha Chunav 2019: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 से पहले जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राहें अलग हो गई। दोनों पार्टी के बीच राजनीतिक दोस्ती एक माह भी नहीं चल सकी। सीटों के बंटवारे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार देर रात जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया।

बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने पर मायावती का हमला, बताया धोखेबाज पार्टीBSP Chief Mayawati reaction over six party mla joining Congress

Haryana Vidhan Sabha Chunav 2019 हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 से पहले जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राहें अलग हो गई। दोनों पार्टी के बीच राजनीतिक दोस्ती एक माह भी नहीं चल सकी। सीटों के बंटवारे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार देर रात जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया।

ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि जजपा के साथ गठबंधन टूटने के बाद बसपा और कांग्रेस एक साथ आ सकती है लेकिन मायावती ने स्पष्ट कर दिया कि हाल फिलहाल वह कांग्रेस के साथ नहीं जा रही है। बता दें कि जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के हुए गठबंधन को एक महीना भी नहीं हुआ था। पिछले महीने 11 अगस्त को दुष्यंत चौटाला और सतीश मिश्रा ने दोनों दोनों दलों के बीच गठबंधन का ऐलान किया था।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बीएसपी एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसके हिसाब से हरियाणा में होने वाले विधानसभा आमचुनाव में दुष्यंत चैटाला की पार्टी से जो समझौता किया था वह सीटों की संख्या व उसके आपसी बंटवारे के मामले में उनके अनुचित रवैये के कारण इसे बीएसपी हरियाणा यूनिट के सुझाव पर आज समाप्त कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में पार्टी हाईकमान ने यह फैसला किया है कि हरियाणा प्रदेश में शीघ्र ही होने वाले विधानसभा आमचुनाव में अकेले ही अपनी पूरी तैयारी के साथ सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

वहीँ गठबंधन टूटने पर जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) संयोजक दुष्यंत सिंह चौटाला ट्वीट करते हुए लिखा कि जननायक जनता पार्टी ने बसपा, उनके नेतृत्व, कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को ताकत देने में यकीन किया और बसपा को 40 सीटों का प्रस्ताव रखा। हमारी इच्छा बहुजन समाज को राजनीतिक ताकत देने की रही और हम इसे आगे भी हमेशा जारी रखेंगे। जेजेपी शुरू से ही प्रदेश की सभी सीटों पर अपने संगठन को मजबूत कर रही है और अपने कर्मठ निष्ठावान कार्यकर्ताओं के दम पर सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तथा किसान- कमरों की सरकार बनाएगी। उन्होंने आगे लिखा कि ना झुकेंगे- ना रूकेंगे। अपने दम पर लड़ेंगे ।

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