Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

हरियाणा सरकार बच्चों को घर जाकर देगी मिड डे मील, इसके कारण लिया फैसला

कोरोना के कारण बंद हुए सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील का राशन उनके घरों में मिलेगा।

सोनभद्र : प्राइमरी स्कूल में एक लीटर दूध को पानी में मिलाकर 80 बच्चों को पिलाया, अखिलेश यादव भाजपा पर कसा तंजप्राइमरी स्कूल में एक लीटर दूध को पानी में मिलाकर 80 बच्चों को पिलाया

कोरोना के कारण बंद हुए सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील का राशन उनके घरों में मिलेगा। स्कूल बंद होने के कारण बच्चे इस योजना के मिलने वाले पोषण से वंचित न रहे इसके लिए सरकार ने एक नई योजना बनाई है। मानव संस्थान विकास मंत्रालय की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक कोरोना वायरस के चलते जब तक स्कूल बंद रहेंगे तब तक सभी राज्यों को लाभार्थियों के घरों में खाद्यान्न या पका हुआ भोजन पहुंचाने व उनके माता-पिता के बैंक खातों में धन जमा करने की व्यवस्था करने को कहा गया है। मौलिक शिक्षा विभाग हरियाणा ने इस संबंध में प्रदेश के 17 जिलों के शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी अनुपालना करने को कहा है। हालांकि अध्यापक संगठनों ने इस योजना का विरोध किया है।

10 दिन का राशन पहुंचाना होगा घर-सरकार की ओर से चल रही इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ कक्षा एक से कक्षा 8वीं तक के बच्चों को मिल रहा है। ऐसे सरकार की तरफ से आदेश दिए गए हैं कि स्कूल टीचर बच्चों को 19 मार्च 2020 से 31 मार्च 2020 तक का राशन उनके घरों में पहुंचाना होगा। कुकिंग पर खर्च की जाने वाली राशि को बच्चों के अभिभावकों के खातों में डालने को कहा गया है। पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं का 10 दिन की मिड डे मील का कुकिंग खर्च 47 रूपये है जबकि कक्षा 6 से कक्षा 8 वीं तक के बच्चों की मिड डे मील का कुकिंग खर्च 67 रूपये बनता है। स्कूलों को इस पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट निदेशालय को 25 मार्च 2020 तक भेजनी होगी। टीचरों को पहली से पांचवी तक के बच्चों का दस दिन का एक किलो राशन प्रत्येक बच्चे के घर पहुंचाना होगा। वहीं कक्षा 6 से कक्षा 8 वीं तक के बच्चों के लिए डेढ़ किलो राशन प्रत्येक बच्चे के घर पहुंचाना होगा।

17 जिलों के लिए दिए गए आदेश-विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बच्चों के घरों में जाकर राशन देने का काम फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, गुरूग्राम व झज्जर को छोड़कर अन्य 17 जिलों में किया जायेगा।

वर्जन-विभाग की ओर से जारी पत्र मिल चुका है। इस संबंध में सभी स्कूल मुखियों को इस योजना को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं-रामप्रकाश, खंड शिक्षा अधिकारी बराड़ा।

वर्जन-करोना वायरस के चलते सभी ब चों के घर-घर जाकर राशन देना काफी मुशिकल भरा है। इसमें बच्चों की सहायता का उद्देश्य कम व दिखावा ज्यादा लग रहा है। वहीं कई जिलों मे मिड डे मील का बजट व कुकों का मानदेय भी पिछले 6 महीने से नहीं आया है। ऐसे में बिना बजट के यह सब संभव नहीं है। जहां एक ओर देश के पीएम सबको घरों में रहने की हिदायत दे रहे है तो वहीं शिक्षा विभाग इसके उल्ट आदेश जारी कर रहा है-अशोक कुमार सैनी, जिला सचिव , हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ

Next Story
Top