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हरियाणा: जाट आंदोलन के लिए पुलिस फोर्स की 55 कंपनियां तैनात, धारा 144 लागू

29 जनवरी से हरियाणा में आरक्षण को लेकर एक बार फिर जाट आंदोलन शुरु होने जा रहा है।

हरियाणा: जाट आंदोलन के लिए पुलिस फोर्स की 55 कंपनियां तैनात, धारा 144 लागू

चंडीगढ़. आखिरकार हरियाणा में 11 महीने बाद 29 जनवरी से फिर से जाट आरक्षण आंदोलन के ऐलान के बाद से राज्य सरकार इस बार पूरी चौकस है। आरक्षण के लिए आंदोलन को लेकर खापें दोफाड़ हो गई हैं, इसे बावजूद जाट आंदोलन के लिए तैयार हैं। एक तरफ 60 खापों ने आंदोलन में शमिल नहीं होने का ऐलान किया है तो 43 खाप पंचायतें 29 जनवरी से आंदोलन के लिए तैयार हैं। वहीं दूसरी तरफ हालात को काबू में रखने के लिए सरकार ने प्रदेश में विभिन्न जगहों पर पुलिस के अलावा अर्द्ध सैनिक बलों की 55 कंपनियां तैनात कर दी गई है।

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अर्ध सैनिक बल की तैनाती की जा चुकी हैं। सोनीपत में 15, झज्जर में 8 तथा रोहतक में भी अर्धसैनिक बलों की कपनियां तैनात कर दी गयी हैं। संवेदनशील जिलों एवं शहरों में सरकार ने अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी नियुक्त कर दी है। जींद में रैपिड एक्शन फोर्स की 2 कंपनियां पहुंच चुकी हैं। झज्जर व रोहतक, सोनीपत सहित कई शहरों में धारा144 भी लागू कर दी गयी है। मूनक नहर की सुरक्षा भी और बढ़ा दी गयी है।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 29 जनवरी से राज्य के 19 जिलों से अनिश्चितकालीन धरने शुरू करने की घोषणा की हुई है। यशपाल मलिक के नेतृत्व वाले संगठन द्वारा उक्त आंदोलन किया जा रहा है। वहीं, राज्य की खाप पंचायतों द्वारा आंदोलन का बहिष्कार किया जा चुका है। हवा सिंह सांगवान के नेतृत्व वाले संगठन ने भी मलिक के इस आंदोलन से दूरी बनायी हुई है।

वहीं दूसरी ओर, अम्बाला में भी जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर 2 गुप्त बैठकें होने की सूचना है। इसी तरह से यमुनानगर की अनाज मंडी में भी जाट आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति की बैठक हुई। रोहतक में तो प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। सोनीपत, भिवानी, हिसार व जींद जिला प्रशासन भी कानून एवं व्यवस्था को लेकर लगातार बैठकें कर रहा है। कैथल जिला प्रशासन भी दूसरे जिलों की तरह जाट आंदोलनकारियों को चिह्नित करने में जुटा है। ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है जो फरवरी के आंदोलन में सबसे अधिक सक्रिय थे।

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8 जिले माने जा रहे संवेदनशीलपिछले वर्ष फरवरी माह के आंदोलन के दौरान 8 जिले रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, जींद, भिवानी, हिसार व कैथल सबसे अधिक प्रभावित थे। इन्हें सरकार इस बार भी संवेदनशील मानकर चल रही है। सरकार ने जाट बाहुल्य वाले गांवों पर भी विशेष नज़र रखने के आदेश दिए हैं, जहां से भीड़ जुटने की आशंका है। खुफिया एजेंसियों से भी सरकार डे-टु-डे की रिपोर्ट ले रही है। इन जिलों में अर्ध सैनिक बल के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स और हरियाणा पुलिस के अतिरिक्त जवानों की नियुक्ति की गयी है। साथ लगते जिलों की पुलिस को भी इन जिलों में नियुक्त किया गया है।

हरियाणा की खाप पंचायतों व जाट नेताओं की शुक्रवार को सीएम खट्टर की अध्यक्षता में राज्य सरकार के साथ चंडीगढ़ में हुई वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद जाट व खाप प्रतिनिधियों ने आंदोलन में भाग न लेने का ऐलान किया। खाप पंचायतों के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने कहा कि गत फरवरी आंदोलन के दौरान मारे गए युवाओं के परिजनों को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग को मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।

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