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हरियाणा चुनाव : रेवाड़ी की दो सीटें बचाने में सफल भाजपा, आपसी कलह में हाथ से फिसली अहीरवाल की 'पेरिस'

बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के निर्वतमान विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने 36689 से अधिक वोट लेकर भाजपा के सुनील तो निर्दलीय प्रशांत उर्फ सन्नी यादव ने 22032 वोट हासिल रणधीर कापड़ीवास के साथ-साथ भाजपा का खेल बिगाड़ दिया।

हरियाणा विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2019हरियाणा विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2019

रेवाड़ी में टिकट वितरण के बाद पार्टी में बढ़ी कलह के बावजूद भाजपा कोसली व बावल में जीत दर्ज कर जिले की तीन में से अपनी दो सीटें बचाने में सफल रही, परंतु केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पंसद से रेवाड़ी सीट पर उतरे सुनील यादव को मिली मामूली अंतर से हार ने अहीरवाल की पेरिस कहे जाने वाली रेवाड़ी सीट से हाथ धोना पड़ा।

बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के निर्वतमान विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने 36689 से अधिक वोट लेकर भाजपा के सुनील तो निर्दलीय प्रशांत उर्फ सन्नी यादव ने 22032 वोट हासिल रणधीर कापड़ीवास के साथ-साथ भाजपा का खेल बिगाड़ दिया।

टिकट वितरण से पहले बढ़ी बढ़त बनती दिख रही भाजपा के सुनील यादव को मिले 42341 वोट सहित तीन हिस्सो में वोट बंटने से 43672 वोटों के साथ सुनील यादव न केवल विधायक बनने में सफल रहे, बल्कि पांच साल पहले पिता को रणधीर सिंह कापड़ीवास से मिली हार का बदला लेकर रेवाड़ी सीट को फिर से अपने परिवार की झोली में डाल दिया।

भाजपा के सुनील यादव व निर्दलीय कापड़ीवास की हार का मुख्य कारण निर्दलीय प्रशांत सन्नी को मिले उम्मीद से अधिक वोट भी एक मुख्य कारण माना जा रहा है। हार-जीत के कारण चाहे जो भी रहे हो, परंतु भाजपा बनानम भाजपा के बीच हुए मुकाबले में चिरंजीव राव बाजी मारने में सफल रहे।

चिरंजीव की जीत के साथ जहां कैप्टन अजय यादव जहां अपना गढ़ बचाने में सफल रहे। सुनील की हार के साथ भाजपा ने तो रेवाड़ी सीट गंवाई ही। इसके साथ दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में किंग मेकर समझे जाने वाले रामपुरा हाउस की राजनीतिक विरासत की नींव भी हिल गई।

रेवाड़ी की हार न केवल राव इंद्रजीत सिंह के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है, बल्कि उनके छोटे भाई एवं कांग्रेस उम्मीदवार राव यादुवेंद्र सिंह की लगातार दूसरी हार ने रामपुरा हाउस का मजबूत गढ़ समझे जाने वाले कोसली के गढ़ को भी ढहा दिया। जिससे उभर पाना राव इंद्रजीत सिंह व रामपुरा हाउस के लिए इतना आसान नहीं होगा।

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