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Haryana Election 2019: हरियाणा कांग्रेस को मिलेगा नया अध्यक्ष, हुड्डा को साधने के लिए फैसला

हरियाणा में कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। अब उन्हें साधने के लिए हरियाणा कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव किया जाएगा। उनके साथ विरोध अशोक तंवर गुट को भी साधने की योजना तैयार की गई है।

Haryana Election 2019: हरियाणा कांग्रेस को मिलेगा नया अध्यक्ष, हुड्डा को साधने के लिए फैसला
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हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर जहां भाजपा की तरफ से जन आशीर्वाद यात्रा शुरू कर दी गई है। जबकि कांग्रेस अभी तक गुटबाजी में ही उलझी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से लेकर प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के बीच गुटबाजी खत्म नहीं हो रही है।

ऐसे में अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दोनों गुटों को साधने और हुड्डा की नाराजगी दूर करने के लिए रणनीति बनायी है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से अब जल्द प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष ऐसे नेता को चुना जाएगा जिसको लेकर दोनों गुटों के बीच सहमति हो। इसके अलावा दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे। इनमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट का एक और अशोक तंवर गुट का एक अध्यक्ष होगा। विधानसभा चुनाव से पहले ही नए अध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी।



अशोक तंवर को हटाने की कोशिश

अशोक तंवर को हटाने की कोशिश हुड्डा गुट काफी लंबे समय से कर रहा है। लेकिन अभी तक उन्हें हटवा पाने में नाकाम रहा। यहां तक की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर का कार्यकाल खत्म होने के बावजूद भी हुड्डा गुट अभी तक उन्हें नहीं हटवा सका है। ऐसे में अब कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व अशोक तंवर को पद से हटाकर हुड्डा की नाराजगी दूर कर सकता है।

ये बन सकती हैं अध्यक्ष

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर पद की दौड़ में कई लोग हैं। लेकिन दोनों पक्षों के बीच आम सहमति महत्वपूर्ण है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक कुमारी शैलजा प्रदेश की नई अध्यक्ष बन सकती हैं। क्योंकि दोनों गुट उनके नाम पर सहमत हैं।

रोहतक में दिखा चुके हैं ताकत

कांग्रेस नेतृत्व से नाराज चल रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी ताकत दिखा चुके हैं। रोहतक में 18 अगस्त को रैली कर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना भी साधा था। इसके अलावा भाजपा सरकार के धारा 370 को हटाने के फैसले को समर्थन दिया था। उस समय संकेत मिले थे कि हुड्डा चुनावों से पहले नई पार्टी बना सकते हैं। लेकिन रैली के बाद केंद्रीय नेतृत्व डैमेज कंट्रोल में जुट गया। ऐसे में अब बेहद कम संभावना है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाएं।


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