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हरियाणा विधानसभा चुनाव : टूटा बल्लभगढ़ के 52 साल का मिथक, दोबारा जीते भाजपा के मूलचंद शर्मा

बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर भाजपा प्रत्याशी मूलचंद शर्मा ने फरीदाबाद के 52 वर्ष के मिथक को तोड़ दिया है। अब तक बल्लभगढ़ सीट पर एक मिथक बना हुआ था कि यहां से कोई भी ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधि लगातार दो बार विधायक नहीं बना।

Haryana Election Results: जानें हरियाणा की 90 सीटों पर किस पार्टी ने कहां से जीत दर्ज कीहरियाणा विधानसभा चुनाव

बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर भाजपा प्रत्याशी मूलचंद शर्मा ने फरीदाबाद के 52 वर्ष के मिथक को तोड़ दिया है। अब तक बल्लभगढ़ सीट पर एक मिथक बना हुआ था कि यहां से कोई भी ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधि लगातार दो बार विधायक नहीं बना। वे ब्राह्मण समाज के विधायक बनने वाले चौथे जनप्रतिनिधि हैं। उनसे पहले तीन बार विधायक ब्राह्मण समाज से एक-एक बार रह चुके हैं।

कोई भी ब्राह्मण समुदाय का विधायक चुनाव जीतने के बाद लगातार दो बार भाजपा की टिकट भी नहीं ले पाया। वे चुनाव जीतने के बाद लगातार दो बार टिकट लाए हैं। मूलचंद शर्मा ऐसे पहले विधायक है कि जो भाजपा की टिकट पर लगातार दूसरी बार बने हैं। उनसे पहले कोई भी भाजपा के टिकट पर बल्लभगढ़ से लगातार दोबारा चुनाव नहीं जीता। बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सबसे पहले 1967 में पंडित तुहीराम शर्मा विधायक चुने गए।

वे यहां से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीते। वे विशाल हरियाणा पार्टी की तत्कालीन मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह की सरकार में गृहमंत्री बने। वे विशाल हरियाणा की टिकट पर 1968 के विधानसभा चुनाव में लड़े, लेकिन हार गए। 1987 में यहां से लोकदल की टिकट पर पूर्व विधायक योगेश शर्मा चुनाव लड़े और जीत कर विधायक बने। उन्होंने दोबारा किसी भी पार्टी से टिकट यहां से नहीं लिया। 1991 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर आनंद शर्मा चुनाव लड़े और वे कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र बीसला के सामने चुनाव हार गए।

वे 1996 में भाजपा की टिकट पर फिर से चुनाव लड़े और उन्होंने कांग्रेस प्रत्यशी राजेंद्र सिंह बीसला को हराकर चुनाव में जीत दर्ज की। 1996के विधानसभा चुनाव में समता पार्टी की टिकट पर मूलचंद शर्मा भी चुनाव लड़े लेकिन वे तीसरे नंबर पर रहे। 2000 के विधानसभा चुनाव में बल्लभगढ़ से भाजपा की टिकट पर प्रदेश के शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा चुनाव लड़े और वे निर्दलीय प्रत्याशी राजेंद्र बीसला से चुनाव हार गए।

2005 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर पूर्व विधायक आनंद शर्मा चुनाव लड़े और वे कांग्रेस प्रत्याशी शारदा राठौर के सामने चुनाव हार गए। इसी चुनाव में मूलचंद शर्मा इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ा वे दूसरे स्थान पर रहे। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट मूलचंद शर्मा को दिया और वे विधायक चुने गए। भाजपा ने उन पर दोबारा विश्वास जताया और उन्हें फिर 2019 में टिकट दे दिया। इस तरह से वे दोबारा लगातार विधायक बनने वाले ब्राह्मण समुदाय के पहले नेता है। भाजपा की टिकट पर वे बल्लभगढ़ से चुनाव जीतने वाले भी पहले नेता है।

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