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Haryana Assembly Elections : ये है प्रदेश की पांच सबसे हॉट सीटें, जहां दिग्गजों की साख दांव पर

हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Elections) संपन्न हो चुके हैं। ऐसे में चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले बात करते हैं हरियाणा की पांच हॉट सीटों (Hot Seats) की, जहां दिग्गजों की साख दांव पर है।

Haryana Assembly Elections : प्रदेश की पांच हॉट सीटें जहां दिग्गजों की साख दांव परहरियाणा विधानसभा चुनाव

हरियाणा विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को संपन्न हो गए। प्रदेश में सभी 90 सीटों पर मतदान लगभग 68 फीसदी रहा। परिणाम 24 अक्टूबर को आने हैं। लेकिन उससे पहले एग्जिट पोल आने शुरू हो गए हैं। लगभग सभी एग्जिट पोल भाजपा की पूर्ण बहुमत में सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में बात करते है प्रदेश की पांच वीआईपी सीटों की, जहां धुरंधर मैदान में हैं। जानते हैं इन महत्वपूर्ण 5 सीटों में किस पर क्या हैं समीकरण, किसका खेल बना , किसका बिगड़ा, कौन मारेगा बाजी।

करनाल- मनोहर लाल खट्टर



हरियाणा के सियासी घमासान में करनाल एक अहम सीट मानी जाती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का विधानसभा क्षेत्र होने के नाते करनाल विधानसभा सीट और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। मौजूदा वक्त में इसे खट्टर का गढ़ कहा जाता है। लोकसभा चुनावों की बात करें तो 2014 और 2019 में भाजपा करनाल में जीत चुकी है।

विधानसभा चुनाव 2014 में इस सीट पर भाजपा से मनोहर लाल खट्टर जीते थे, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। पिछले विधानसभा चुनाव में मनोहर लाल ने निर्दलीय उम्मीदरवार जयप्रकाश को भारी अंतर से हराया था। चूंकि करनाल को खट्टर का गढ़ माना जाता है लिहाजा विरोधी पार्टियों यहां सेधमारी की कोशिश करती रही हैं। ऐसे में करनाल में मनोहर लाल खट्टर का सामना कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेंद्र नरवाल से है। हलांकि जानकार बताते हैं कि इस सीट पर खट्टर को कोई बड़ी चुनौती नहीं है। यह उनकी सेफ सीट है। उनकी यहां से जीत लगभग पक्की मानी जा रही है।

आदमपुर- सोनाली फोगाट


हरियाणा की आदमपुर विधानसभा सीट से इस बार भाजपा ने टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट को उतारा है। यहां से सोनाली फोगाट को टिकट देकर भाजपा ने यहां लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। सोनाली फोगाट अपने टिकटॉक वीडियो की वजह से प्रदेश में काफी चर्चित रही हैं। भाजपा द्वारा सोनाली को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से ही आदमपुर सीट चर्चा का विषय बन गई थी।

आदमपुर सीट पर हमेशा से भजनलाल परिवार का दबदबा रहा है। विधानसभा चुनाव 2014 तक हुए 12 चुनावों में से 11 में बिश्नोई परिवार को यहां से जीत मिली है। भाजपा ने इस बार आदमपुर से टिक-टॉक स्टार सोनाली फोगाट को यहां से उतारकर इसे हॉट सीट बना दिया है। भाजपा सोनाली को उतारकर इस सीट पर भजनलाल परिवार के वर्चस्व को खत्म करना चाहती है। इसी मंशा से भाजपा ने किसी साधारण उम्मीदवार को चुनने के बजाय इस सीट सेलिब्रिटी को उतारना उचित समझा।

बता दें कि आदमपुर सीट पर कुलदीप बिश्नोई पिछली बार भी जीते दर्ज की थी। उन्हें विधान सभा चुनाव 2014 में 47.10 फीसदी वोट मिले थे। जबकि पिछली बार वह अपनी पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे थे। इस बार भजन लाल परिवार के वर्चस्व को देखते हुए कांग्रेस ने एक बार फिर से उन्हें पार्टी में जगह दी और आदमपुर से ही मैदान में उतारा । अब कुलदीप बिश्नोई के सामने सीट बचाने की बड़ी चुनौती है। सोनाली के आने से कुलदीप बिश्नोई के लिए मुश्किलें थोड़ी बढ़ी जरूर थी। लेकिन यहां कुलदीप विशनोई को चुनौती पेश करना इतना आसान नहीं है। वैसे तो 24 को चुनाव परिणाम ही तय करेंगे कि कौन जीतता है लेकिन सीट पर कुलदीप विश्नोई का दबदबा माना जा रहा है।

गढ़ी सांपला किलोई- भूपेंद्र सिंह हुड्डा


हरियाणा विधानसभा चुनाव में गढ़ी-सांपला-किलोई सीट प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है। यहां का चुनावी दंगल भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए काफी अहम है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने अपनी परंपरागत सीट यानी किलोई से ही चुनावी रण में उतरे हैं। उनके बेटे और पूर्व लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा इस बार मैदान में उतरने के बजाय पिता के लिए प्रचार में लगे रहे हैं। अब जबकि चुनाव संपन्न हो गए हैं परिणाम ही बताएंगे कि उनकी मेहनत कितना रंग लाई। इस सीट के बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले ही कह चुके हैं कि 'गढ़ी-सांपला-किलोई' सीट के नतीजे दुनिया देखेगी। इस सीट के परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। इस सीट के लिए भाजपा ने खास 'चक्रव्यूह' तैयार किया था। भाजपा ने 'गढ़ी-सांपला-किलोई' सीट पर सतीश नादंल को उतारा था। वह हाल ही में इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। सीट पर इस बार मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। परिणाम ही बताएंगे कि कौन जीतता है।

उचाना कलां- दुष्यंत चौटाला



जजपा के युवा नेता दुष्यंत चौटाला उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका सामना एक बार फिर भाजपा की मौजूदा विधायक प्रेमलता से है। जिन्होंने 2014 के राज्य विधानसभा चुनाव में उन्हें 7,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था। हलांकि अगर जानकारों की मानें तो इस सीट पर मुकाबला कांटे का माना जा रहा है।उचाना कलां प्रदेश की सबसे हॉट सीट मानी जा रही है जहां दो बराबर के उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां एक तरफ हैं बांगर बेल्ट की राजनीति करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी और भाजपा विधायक प्रेमलता । तो उनके सामने मैदान में हैं जजपा के नेता दुष्यंत चौटाला जिनकी इलाके में अच्छी पकड़ मानी जा रही है। ऐसे में भाजपा विधायक प्रेमलता के सामने अपने परिवार की परंपरागत सीट बचाने की कड़ी चुनौती है। उन्हें 31 वर्षीय दुष्यंत सिंह चौटाला से कड़ी टक्कर मिल रही है। दुष्यंत और बीरेंद्र सिंह परिवार के बीच चल रही चुनावी टक्कर के नतीजों पर पूरे प्रदेश की निगाहें हैं। बीरेंद्र सिंह व उनकी पत्नी ही नहीं बल्कि उनके बेटे और हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह को भी हलके में पसीना बहाना पड़ा है। इलाके के लोगों से बातचीत में एक बात साफ हो गई कि दुष्यंत को शिकस्त देने के लिए कुछ 'बाहरी' ताकतों ने भी मोर्चाबंदी की हुई है। ऐसे में यह सीट किसी भी तरफ जा सकती है। चुनाव संपन्न होने के बाद परिणाम ही बता सकते हैं कि क्या होगा।

कैथल- रणदीप सिंह सुरजेवाला



कैथल उत्तर हरियाणा की सबसे हॉटसीट मानी जाती है। कांग्रेस के कद्दावर नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला यहां से मैदान में है। भाजपा ने इस सीट से विधायक रह चुके लीलाराम को उतारकर सुरजेवाला के सामने कड़ी चुनौती पेश की है। सन 2004 से ही इस सीट पर सुरजेवाला परिवार का कब्जा रहा है। 2009 व 2014 में रणदीप सिंह सुरजेवाला यहां से चुनाव जीतते रहे हैं। इस सीट पर 2004 व 2009 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। सुरजेवाला इस बार चुनाव जीते तो हैट्रक लगाने में सफल होंगे, अगर हारे तो उनका सियासी वजूद संकट में आ सकता है। क्योंकि इसी साल जींद उप चुनाव मैदान में उतरे रणदीप सिंह सुरजेवाला बुरी तरह हारकर तीसरे नंबर पर रहे थे। मौजूदा दोनों प्रत्याशियों के पास राजनीति का लंबा अनुभव है। जहां रणदीप सिंह सुरजेवाला अब तक सात चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं छात्र राजनीति से निकले भाजपा प्रत्याशी लीला राम इस बार तीसरा चुनाव लड़ रहे है। हालांकि यह सीट सुरजेवाला परिवार की सेफ सीट मानी जाती है। जानकार बताते हैं कि यहां सुरजेवाला आसानी से सीट निकाल सकते हैं।

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