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Haryana Assembly Election: भाजपा का 12 विधायक-मंत्रियों के टिकट काटने का फैसला हुआ गलत साबित, 5 विधानसभाओं में हारे पार्टी उम्मीदवार

हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा को विधायक-मंत्रियों का टिकट काटना भारी पड़ गया। 2014 के चुनावों में सभी 12 सीटों को जीतने वाली भाजपा के 5 प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में हार रहे हैं।

भाजपा को 12 विधायक-मंत्रियों के टिकट काटना पड़ा भारी, 5 विधानसभाओं में हार रहे पार्टी के उम्मीदवारराव नरबीर सिंह (फाइल फोटो)

हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा के विधायक-मंत्रियों के टिकट काटना भारी पड़ गया है। भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 12 विधायक-मंत्रियों के टिकट काटे थे। उनके स्थान पर नए प्रत्याशियों को मौका दिया गया था। लेकिन भाजपा को टिकट काटने का दांव उल्टा पड़ गया। 12 में से 5 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी पीछे चल रहे हैं। बादशाहपुर और रेवाड़ी सीट पर अंतर काफी ज्यादा हो गया है।

हरियाणा सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे राव नरबीर का भाजपा ने टिकट काट दिया था। बादशाहपुर से राव नरबीर का टिकट काट कर मनीष यादव को दिया। राव नरबीर ने 2014 में राकेश दौलताबाद को हराया था। लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में राकेश दौलताबाद ने जीत हासिल कर ली है। इसी तरह भाजपा ने गुहला विधायक कुलवंत बाजीगर का भी टिकट काट दिया था। लेकिन भाजपा तीसरे स्थान पर रही है। जजपा के इश्वर सिंह पहले और कांग्रेस के चौधरी दिल्लू राम दूसरे स्थान पर हैं।

राव चिरंजीव जीत की ओर

रेवाड़ी से भाजपा ने विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवापस का टिकट काटकर सुनील मुसेपुर को दिया। लेकिन यहां पर कांग्रेस राव चिरंजीव बढ़त बनाए हुए हैं। राव चिरंजीव की जीत लगभग पक्की हो चुकी है। पांच हजार से ज्यादा को दोनों उम्मीदवारों के बीच में अंतर है।

बीएसपी से भी हार रही भाजपा

भाजपा के लिए अटेली विधायक संतोष यादव का टिकट काटना भी महंगा पड़ा। संतोष यादव ने 2014 चुनावों में 48 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार टिकट काटकर सीताराम को दिया गया। जो कि बहुजन समाज पार्टी के अतर लाल से पीछे चल रहे हैं। इसी तरह मुलाना से विधायक संतोष सारवान का टिकट काटकर भाजपा ने राजबीर सिंह को टिकट दिया। लेकिन कांग्रेस के वरूण चौधरी से राजबीर सिंह पीछे चल रहे हैं। करीब 2469 वोट से पीछे चल रहे हैं।

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