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Haryana Assembly Election 2019: टिकट पाने के इच्छुक नेताओं की दिल्ली दौड़ शुरू

अलसुबह ही लाव-लश्कर के साथ दिल्ली कूच कर जाते है नेता

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विधानसभा चुनाव (Assembly Election) लड़ने के इच्छुक नेताओं ने दिल्ली (Delhi) दौड़ लगानी शुरू कर दी है। टिकट पाने के इच्छुक नेता अलसुबह ही दिल्ली कूच कर जाते है और दिन भर अपने आकाओं के दर पर चक्कर लगाते रहते है। टिकट के लिए सबसे यादा मारामारी भाजपा (BJP) में देखी जा रही है।

अलसुबह ही दिल्ली की ओर कूच कर रहे नेता

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं ने टिकट हासिल करने के लिए वैसे तो महीनों पूर्व ही बिसात बिछानी शुरू कर दी थी किन्तु आज विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान होने के साथ ही टिकट पाने के लिए दौड़ धूप तेज कर दी है। टिकट पाने की जद्दोजहद में लगे प्रत्याशी लाव-लश्कर के साथ अलसुबह ही दिल्ली की ओर कूच कर जाते है और इन नेताओं में से कई तो ऐसे भी है जोकि अन्य प्रदेशों में डेरा डाले हुए है। टिकट के लिए सबसे यादा मारामारी भारतीय जनता पार्टी में देखी जा रही है।

जीत के साथ मिलेगा सर्टिफिकेट

भाजपा की टिकट पाने के लिए हाडतोड मेहनत कर रहे नेताओं का मानना है कि इस बार भाजपा की टिकट नहीं बल्कि टिकट के रूप में जीत का सर्टिफिकेट मिलेगा। फरीदाबाद जिले के अन्तर्गत आने वाली छह विधानसभा सीटों की अगर बात की जाए तो दो सीटें ऐसी है जहां पर की आला कमान के समक्ष टिकट वितरण के समय कोई यादा दिक्कत पेश नहीं आएगी।

अगर बात की जाए फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र की तो उद्योग मंत्री विपुल गोयल ले-देकर सिंगल नाम सामने आ रहा है। वैसे इस सीट पर चेयरमैन अजय गौड़ ने भी दावेदारी पेश की हुई है किन्तु बल्लभगढ़ विधानसभा सीट से निर्वतमान विधायक पं. मूलचंद शर्मा को टिकट मिलने के बनते प्रबल आसारों के चलते अजय गौड़ की दावेदारी कमजोर होती नजर आ रही है। भाजपा की टिकट के लिए सबसे बड़ा पेंच बड़खल, तिगांव, पृथला व एनआईटी विधानसभा क्षेत्रों में फंस सकता है और हो यह भी सकता है कि इन चारों ही विधानसभा क्षेत्रों में टिकट का फैसला अंतिम क्षणों में किया जाए।

जहां तक बात तिगांव विधानसभा क्षेत्र की है तो इस विधानसभा क्षेत्र पर मजबूत दावेदारी पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुके राजेश नागर की बनती है किन्तु केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर इस सीट से अपने वरिष्ठ उपमहापौर पुत्र देवेन्द्र चौधरी को चुनाव लड़वाना चाहते है और इसके लिए उन्होंने अपने धुर विरोधी उद्योग मंत्री विपुल गोयल से भी एका कर लिया है क्योंकि श्री गुर्जर को यह बात अ छी तरह पता है कि राजेश नागर की पैरवी उद्योग मंत्री विपुल गोयल ही मजबूती से कर रहे है।

नगेन्द्र भड़ाना व नीरा तोमर ने लगाया ऐड़ी-चोटी का जोर

एनआईटी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट हासिल करने के लिए पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुके यशबीर डागर, निर्वतमान विधायक नगेन्द्र भड़ाना व प्रदेश उपाध्यक्ष नीरा तोमर ऐड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैै। इस सीट पर किस को टिकट मिलेगी इसका फैसला पृथला विधानसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही हो सकता है।

क्योंकि अगर भाजपा ने पृथला से सुरेन्द्र तेवतिया को प्रत्याशी बना दिया तो इस सीट पर नगेन्द्र भड़ाना या नीरा तोमर की लाटरी लग सकती है और अगर कही पूर्व में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके नयनपाल रावत को प्रत्याशी से बनाया गया तो यशबीर डागर एनआईटी से प्रत्याशी हो सकते है।

बड़खल विधानसभा क्षेत्र में भी टिकट पाने के इ छुक नेताओं की भरमार है। वैसे तो इस विधानसभा क्षेत्र से निर्वतमान विधायक श्रीमती सीमा त्रिखा का स्थानीय कार्यकर्ता जमकर विरोध कर रहे है किन्तु कोई मजबूत नेता न होने के चलते पार्टी सीमा त्रिखा को ही अंतिम क्षणों में चुनावी समर में उतार सकती है। अब देखना यह होगा कि भाजपा किस को अपना प्रत्याशी बनाती है किन्तु इस सबसे अलग हटकर पार्टी का टिकट पाने वाले नेताओं ने टिकट हासिल करने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रखी है।

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