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Haryana : लॉकडाउन का पालन करवाने और शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने को बाजारों में भेष बदलकर घूम रहे हांसी के एसडीएम

हिसार (Hisar) जिले के हांसी में रात के अंधेरे में, भरी दोपहरी की गर्मी में और भोर के समय कहीं भी रियल्टी चेक करने निकल पड़ते हैं एसडीएम जितेंद्र सिंह अहलावत।

Haryana : लॉकडाउन का पालन करवाने और शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने को बाजारों में भेष बदलकर घूम रहे हांसी के एसडीएम
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हांसी। हाथ में खाद के कट्टे का थैला लेकर, सिर पर गमछा ओढ़कर और पैरों में हवाई चप्पल पहनकर बाजार का जायजा लेते एसडीएम जितेंद्र सिंह अहलावत।

हरिभूमि न्यूज हांसी

हिसार जिले (Hisar district) के हांसी व आस-पास के क्षेत्र में आजकल यहां के एसडीएम जितेंद्र सिंह अहलावत (SDM Jitendra Singh Ahlawat) काफी चर्चा में हैं। क्योंकि लाकडाउन (Lockdown) का पालन करवाने और शहर को पॉलिथीन मुक्त करवाने के लिए वे सब्जी मंडी और बाजारों में भेष बदलकर घूम रहे हैं। वे रात के अंधेरे में, दोपहर की गर्मी में और भोर के समय कभी भी कहीं भी किसी भेष में मिल सकते हैं। शहर के लोगों को नहीं पता चलता कि बाजार में एसडीएम साहब आए हुए हैं। क्योंकि वह दिन निकलने से पहले ही ग्राहक बनकर सब्जी मंडी में पहुंच जाते हैं और वहां सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का जायजा लेते हैं। ताकि शहर में सब्जी मंडी से कोरोना न फैले।

सुबह-सुबह पार्कों में सैर करने वालों को खुद जाकर खदेड़ते हैं। दोपहर को भी उन्हें चैन नहीं रहता। वे भरी दोपहरी में अनाज मंडी में पहुंच जाते हैं और वहां आढ़तियों व किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ करते हैं। मंडी में सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए अक्सर वहां पर चले जाते हैं। रात को दस बजे भी एसडीएम बाजार को चेक करने के लिए निकल पड़ते हैं कि कोई दुकान खुली तो नहीं। जो दुकान खुली मिलती है, उसकी फोटो बनाकर सबूत के तौर पर अपने पास रख लेते हैं और ऐसे दुकानदारों के खिलाफ या तो कानूनी कार्रवाई की जाती है या फिर उनको गोशाला में गायों के चारे के लिए पर्ची कटवा देते हें। इसी प्रकार उन्होंने शहर को पॉलिथीन मुक्त करवाने का बीड़ा उठाया हुआ है।शहर के व्यापारियों व दुकानदारों को अपने कार्यालय में बुलाकर उन्होंने चेतावनी दी थी कि वे पॉलिथीन का प्रयोग न करें। दुकानदारों ने उनसे 15 दिन की मोहलत मांगी थी। मोहलत का समय एक मई को पूरा हो गया था। लॉकडाउन में दुकानें बंद रही। अब बाजार खुलने लगे हैं, तो एसडीएम साहब भी पॉलिथीन प्रयोग करने वालों को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गए हैं।

पैरों में चप्पल, सिर पर गमछा और हाथ में थैला

गत दिवस वे हाथ में प्लास्टिक के कट्टे का थैला लेकर, पैरों में हवाई चप्पल पहनकर और सिर पर गमछा डालकर बाजारों में निकल पड़े। उन्होंने विभिन्न दुकानों से आम ग्राहक बनकर सामान खरीदा। कुछ दुकानदारों ने जहां उन्हें पॉलिथीन के बैग थमा दिए, वहीं कई दुकानों पर जूट के बैग प्रयोग किए जा रहे थे। दुकानदारों को थोड़ा सा भी आभास नहीं हुआ कि ये अधिकारी हैं। बाद में जब दुकानदारों को पता चला कि उनकी दुकान पर सामान खरीदने पहुंचा शख्स एसडीएम ही था, तो उनकी सिट्टी पिट्टी गुम हो गई। एसडीएम ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में दुकानों पर पॉलिथीन का इस्तेमाल किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बोले, वास्तविकता दफ्तर में बैठकर नहीं पता चलती

एसडीएम जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ सामान खरीदना था। सोचा कि यह भी चेक हो जाएगा कि बाजार में पॉलिथीन प्रयोग हो रहा है या नहीं। वैसे भी ग्राउंड लेवल की वास्तविकता दफ्तर में बैठकर नहीं फील्ड में घूमकर ही पता चल सकती है। दुकानदारों ने कुछ समय मांगा था। उनको समय दिया गया था। अब कोई ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।


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