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महाराजा सूरजमल का साथ लिया होता तो देश का इतिहास अलग होता: कैप्टन अभिमन्यु

भारतीय इतिहास के युग पुरुषों में महाराजा सूरजमल का नाम आदर भाव से लिया जाता है। ऐसे महान व्यक्तित्व की छवि को धूमिल किया जाना निंदनीय है।

महाराजा सूरजमल का साथ लिया होता तो देश का इतिहास अलग होता: कैप्टन अभिमन्युहरियाणा पूर्व मंत्री कैंप्टन अभिमन्यू (फाइल)

हाल में आई पानीपत फिल्म में महाराजा सूरजमल के गलत चित्रण की हरियाणा और राजस्थान सहित कई अन्य प्रदेशों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रणामों को दरकिनार कर फिल्म में महाराजा सूरजमल के चरित्र को अलग ही तरीके से पेश किया गया है। फिल्म की निंदा करते हुए हरियाणा के पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि भरतपुर के दूरदर्शी, साहसी एवं समावेशी सोच को आत्मसात करने वाली भारतीयता के प्रतीक महाराजा सूरजमल जी को लेकर 'पानीपत' फ़िल्म में जो गलत चित्रण किया गया है, उसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम है।

भारतीय इतिहास के युग पुरुषों में महाराजा सूरजमल का नाम आदर भाव से लिया जाता है। ऐसे महान व्यक्तित्व की छवि को धूमिल किया जाना निंदनीय है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि अगर सदाशिव भाऊ पेशवा ने महाराजा सूरजमल को साथ लिया होता और उनके रणनीतिक सुझावों पर चलते तो पानीपत के तीसरे युद्ध का परिणाम भारत की जीत होता और देश का इतिहास अलग होता।

हमें नहीं भूलना चाहिए कि युद्धोपरांत महाराजा सूरजमल ने सभी मराठा परिवारों को सम्मान पूर्वक शरण एवं सुरक्षा प्रदान की थी। सोशल मीडिया के माध्यम से भी कैप्टन अभिमन्यु ने फिल्म में महाराजा सूरजमल के गलत चित्रण की निंदा की है। उनकी फेसबुक पोस्ट पर हजारों लोगों ने उनकी बात का समर्थन करते हुए फिल्म पर रोक लगाने और आशुतोष गोवीरकर से माफी मांगने की मांग की है।

उनकी फेसबुक पोस्ट पर फिल्म के बॉयकाट की अपील करते हुए लोगों ने लिखा है कि महाराजा सूरजमल जी अजय योद्धा थे वह न केवल हमारे जाट समाज के बल्कि संपूर्ण हिंदुस्तान वासियों के लिए आदर्श और गौरव है, पानीपत पिक्चर में महाराजा सूरजमल जी से जुड़े इतिहास के तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर जिस तरीके से फ़िल्म निर्माताओं ने प्रस्तुत किया है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिल्म सेंसर बोर्ड से अपील कर रहा हूं कि महाराजा सूरजमल जी के इतिहास के साथ की गई छेड़छाड़ के दृश्यों को तत्काल अपनी फिल्म से हटाए। इसके साथ ही हेशटैग के साथ फिल्म के बॉयकाट का भी सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अभियान चलाया है। राजस्थान में भी इसको लेकर धरना प्रदर्शन हुए हैं और निर्देशक का पुतला फूंका गया है।

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