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Haryana : शराब तस्करी मामले में पूर्व विधायक सत्येंद्र राणा गिरफ्तार

शराब तस्करी के मामले अहम कार्रवाई करते पानीपत पुलिस की टीम ने चंडीगढ़ से पूर्व विधायक सत्येंद्र राणा को गिरफ्तार किया है। शराब चोरी के केस में छह आरोपित पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके है, चोरी के केस का मास्टर माइंड पुलिस रिमांड पर है इससे मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई हुई है।

Haryana : शराब तस्करी मामले में पूर्व विधायक सत्येंद्र राणा गिरफ्तार
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पूर्व विधायक सत्येंद्र राणा( फाइल फोटो)

कोरोना वायरस (Corona virus) महामारी के संकट के बीच पानीपत पुलिस की सीआईए-टू ने पानीपत के कस्बा समालखा में एल-वन के सील शराब गोदाम (Liquor warehouse) से शराब की 4500 पेटियां चोरी करने के बहुचर्चित मामले में पूर्व विधायक व जन नायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सतेंद्र राणा (Satendra Rana) को चंडीगढ से गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस आरोपित जजपा नेता सतेंद्र को पानीपत के कस्बे समालखा की कोर्ट में पेश कर शराब चोरी के इस मामले में रिमांड (Remand) पर लेने का प्रयास करेगी, ताकि शराब चोरी के इस बहुचर्चित केस का पूरा खुलासा हो सके। वहीं पानीपत पुलिस पूर्व विधायक व जजपा नेता सतेंद्र राणा की गिरफ्तारी के मामले में चुप्पी साधे हुए है।

राणा का राजनीतिक इतिहास

पानीपत के समालखा में एल-वन के सील गोदाम से शराब चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए जजपा नेता राजौंद हलके से विधायक रह चुके है। वहीं राणा पहले कांग्रेस पार्टी में थे, बाद में उन्होंने जननायक जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। राणा तिवारी कांग्रेस में भी रह चुके है और वे रादौर के अलावा पंचकूला जिला के कालका हलके से भी सन् 2009 और 2014 में चुनाव लड चुके है। वहीं सतेंद्र राणा सन् 2007-2014 में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव रह चुके है। वहीं सन् 2009 में परिसीमन के बाद राजौंद हलका खत्म कर कलायत विधानसभा बनाया गया और सन् 2019 में सतेंद्र राणा जजपा के टिकट पर कलायत से चुनाव लड चुके है।

एल-वन के गोदाम से शराब चोरी का यह है मामला

पानीपत आबकारी विभाग ने अनियमितताओं के आरोप में 22 सितंबर सन् 2016 को एक फर्म को दिए गए एलवन, समालखा के लाइसेंस को रद कर दिया था और शराब से भरे गोदाम को सील कर दिया था। वहीं सील गोदाम से अप्रैल 2018 में शराब चोरी हो गई थी, इस मामले में थाना समालखा में केस दर्ज है। वहीं लॉक डाउन के दौरान फिर सील गोदाम के शटर को उखाड कर शराब की बडे पैमाने पर चोरी की गई थी। आबकारी विभाग की जांच में पता चला कि गोदाम से 4500 शराब की पेटियां चोरी की गई। इस संबंध में थाना समालखा में केस दर्ज करवाया गया, इधर, पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच सीआईए-टू को सौंपी।

सीआईए ने सील गोदाम से शराब की चोरी के आरोप में रजनीश पुत्र शमशेर निवासी गांव कथूरा, सुधीर पुत्र प्रेम निवासी गांव जागसी, सोमबीर उर्फ सीमा पुत्र धूप सिंह निवासी गांव बली कुतबपुर, ईश्वर पुत्र सूरजमल निवासी शामडी जिला सोनीपत, अजमेर उर्फ मोनू पुत्र आनंद निवासी गांव धामड़, जिला रोहतक, दीपक उर्फ टाचवा पुत्र रमेश निवासी गांव मांडौठी जिला झज्जर को गिरफ्तार किया। वहीं ईश्वर चोरी के इस केस का मास्टर माइंड निकला और यह सील किए गए एल-वन में भी हिस्सेदार था। वहीं आरोपितों में अजमेर पुलिस विभाग में कांस्टेबल बल था और पद से निलंबित चल रहा है। इधर, चोरी के इस केस का सरगना ईश्वर चार दिन पुलिस रिमांड पर है, जबकि अन्य पांच आरोपितों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। वहीं पुलिस रिमांड के दौरान ईश्वर से मिली जानकारी के आधार पर ही पूर्व विधायक सतेंद्र राणा को शराब चोरी के इस बहुचर्चित केस में गिरफ्तार किया गया है।

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