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सोनीपत में महिला बाल संरक्षण ने रुकवाई नाबालिग की शादी

जिला महिला एवं बाल सरंक्षण अधिकारी भानू गौड़ को सूचना मिली कि थी कि टांडा गांव में दो नाबालिग लड़कियों की शादी कराई जा रही है।

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जिला महिला एवं बाल सरंक्षण अधिकारी की टीम ने गांव टांडा में नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई है। टीम ने लड़की की बारात आने के बाद शादी को रुकवा दिया। जिला महिला एवं बाल सरंक्षण अधिकारी को दो नाबालिग बहनों की शादी कराए जाने की जानकारी मिली थी।

हालांकि बड़ी बहन के बालिग मिलने पर उसकी शादी होने दी गई। लड़की के परिजनों ने लिखित में दिया है कि छोटी बेटी की शादी बालिग होने पर ही की जाएगी। जिला महिला एवं बाल सरंक्षण अधिकारी भानू गौड़ को सूचना मिली कि थी कि टांडा गांव में दो नाबालिग लड़कियों की शादी कराई जा रही है।

जिस पर टीम वहां पहुंच गई। टीम ने जब परिजनों को लड़कियों की जन्म तिथि के कागजात दिखाने को कहा तो छोटी लड़की की उम्र करीब 16 साल मिली। जिसके चलते टीम ने उसकी शादी को रुकवा दिया। साथ ही परिजनों ने इस संबंध में लिखित में लिया कि उसके बालिग होने के बाद ही शादी की जाएगी। लड़की की बारात पानीपत के गांव से आई थी।

नाबालिग दो बहनों की शादी किए जाने की सूचना मिली थी। मौके पर जांच के बाद छोटी लड़की की आयु कम मिली है। जिस पर उसकी शादी को रुकवा दिया है। परिजनों से लिखित में लिया गया है कि वह बालिग होने के बाद ही लड़की की शादी करें। नाबालिगों की शादी करना कानूनन ही जुर्म नहीं है, बल्कि इससे उनकी जिंदगी भी खराब हो जाती है। उनमें परिपक्वता नहीं होने से बीमारियों की चपेट में आ जाती है। नाबालिगों की शादी किसी सूरत में नहीं करनी चाहिए। भानू गौड़, जिला महिला एवं बाल सरंक्षण अधिकारी

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