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हरियाणा: पराली जलाई तो सैटेलाइट की पकड़ में आएंगे किसान, लगेगा इतना जुर्माना

फसल जलाने वाले किसानों की जमीनों पर सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जायेगी और जहां भी पराली या फसल अवशेष जलाये जायेंगे उनका सेटेलाईट के माध्यम से डाटा लेते हुए किसानों को जुर्माना किया जाएगा।

हरियाणा: पराली जलाई तो सैटेलाइट की पकड़ में आएंगे किसान, लगेगा इतना जुर्मानाHaryana: Farmers Who Burn Paddy Straw Will Be Caught From Satellite, Will Be Fined 5000

फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) को लेकर गुरूवार को की गई बैठक के दौरान उपायुक्त आरएस वर्मा (RS Verma) ने बताया कि खरीफ सीजन की फसलों (Kharif Season Crops) की कटाई का काम जल्द शुरू हो जायेगा। किसान (Farmars) फसलों के अवशेष व धान की पराली न जलाएं, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहाती कदम उठाए जा रहे है।

अवशेष जलाना अपराध

उन्होंने कहा कि अब फसलों के अवशेष या धान की पराली जलाना कानूनी अपराध की श्रेणी में शामिल हो गया है। यदि कोई किसान दो एकड तक धान की पराली को जलाते हुए पाया जाता है तो उसे अढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दो से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये तथा पांच से अधिक एकड वाले किसान पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर जेल की सजा का भी प्रावधान है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फसल जलाने वाले किसानों की जमीनों पर सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जायेगी और जहां भी पराली या फसल अवशेष जलाये जायेंगे उनका सेटेलाईट के माध्यम से डाटा लेते हुए किसानों को जुर्माना किया जाएगा।

अधिकारियों की ड्यूटी लगायी

उपायुक्त आर एस वर्मा ने बताया कि जिला के सभी गांव में कृषि विभाग के एसडीओ सहित अनेक कर्मचारियों की जिम्मेवारी लगाई गई है, जो उपनिदेशक कृषि के माध्यम से उन्हें समय अनुसार रिर्पोट करते हुए जानकारी उपलब्ध करवायेंगे। पराली जलाने की शिकायत मिलने पर प्रशासन द्वारा संबंधित किसानों के खिलाफ प्रशासन द्वारा एफ आई आर दर्ज करवाई जा सकती है।

यह आदेश राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना को सुनिश्चित करने के लिए लागू किये गए है। उपायुक्त ने ग्राम स्तर पर सेवारत कर्मियों को इस काम में पूरा सहयोग करने के लिए आह्वान किया है।

इस बार मनेगा पखवाड़ा

उपायुक्त वर्मा ने बैठक के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि 20 सितंबर से 5 अक्तूबर तक फसल अवशेष प्रबन्धन पखवाड़ा मनाया जाएगा ताकि किसानों को इस बारे में जागरूक किया जा सके। इसके लिए एनसीसी, एनएसएस, विभिन्न एनजीओएस की पराली पलटन बनाई जाएगी ताकि विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम के दौरान गांव में की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों को अच्छे तरीके से चलाया जा सके। इस कार्यक्रम में किसानों को सीआरएम शपथ दिलाई जायेगी व किसानों को फसल अवशेष न जलाने बारे जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबन्धन हेतू कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित किए गए है। जिसमें विभिन्न कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया गया है ताकि किसान भाई इन कस्टम हैरिंग सेन्टर से कृषि यंत्रों को किराये पे ले के फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए प्रयोग कर सके। इस कार्यक्रम की शुरूआत 20 सितंबर को मदीना गांव से डब्ल्यू/डीसी द्वारा शुरू की जाएगी।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार, नगराधीश महेश कुमार, एसडीएम राकेश कुमार, एसडीएम सांपला महेंद्रपाल, डीडीए रोहताश, आरओ कृष्ण कुमार, मीना सिवाच, राजसिंह व आदर्श सांगवान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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