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12 साल के मासूम बालक की कुकर्म के बाद हत्या, आरोपी को उम्र कैद की सजा

फरीदाबाद में दो साल पहले 12 साल के बच्चे के साथ कुकर्म किया गया था। उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। अदालत ने आरोपी को अब आजीवन कारावास की सजा सुनायी है।

12 साल के मासूम बालक की कुकर्म के बाद हत्या, आरोपी को उम्र कैद की सजादो पक्षों की लड़ाई में बीच बचाव करने गए युवक की मुक्का लगने से मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

फरीदाबाद में 12 साल के मासूम बच्चे के साथ कुकर्म करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की अदालत ने अजीवन कारावास और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला करीब सवा दो साल से अदालत में विचाराधीन था।

अदालत में पेश मामले के मुताबिक मूलरूप से बिहार के रहने वाले राम सागर ने यह मामला 26 अगस्त 2017 को थाना सदर बल्लभगढ़ में दर्ज करवाया था। उसने अपनी शिकायत में कहा था कि वह यहां सीकरी गांव में अपने परिवार के साथ रहता है। उसका 12 साल का बेटा गांव के सरकारी स्कूल में पड़ता था। अन्य दिनों की तरह 24 अगस्त को भी उसका बेटा स्कूल गया था। दोपहर करीब 12 बजे के आसपास उसका बेटा स्कूल की दीवार फांद कर बाहर निकल गया। बाहर निकलते ही स्कूल के सामने दुकान चलाने वाले सूरज ने बच्चों को रोक लिया और इधर उधर की बातें करने लगा। सूरज उसे मृत सांप दिखाने के बहाने दुकान से थोड़ी दूरी पर झाडि़यों में ले गया। जहां आरोपी डरा धमका कर बच्चे के साथ कुकर्म करने लगा। शोर मचाने पर आरोपी ने उसका मुंह बंद कर दिया। कुकर्म किए जाने की वजह से बच्चा बेहोश हो गया। तभी आरोपी सूरज ने बच्चे का गला दबा दिया। बच्चा बच न जाए, इसलिए आरोपी ने पत्थर से सिर कुचल कर उसकी हत्या कर दी। जिसके बाद आरोपी बच्चे के तमाम कपड़े उतार कर अपने साथ ले गए। उधर बच्चे के स्कूल से लौटने पर उसने तलाश शुरू कर दी। लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। 26 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि झाडि़यों में एक बच्चे का शव पड़ा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उसे बुला लिया। उसने शव को देख कर उसकी पहचान अपने बेटे के रूप में कर दी। जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी दुकानदार सूरज को गिर तार कर उसके कब्जे से बच्चे के कपड़े और स्कूल बैग बरामद कर लिया था। यह मामला तभी से अदालत में विचाराधीन था।

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