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जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश को ना मानने वाले एक्सईएन और एसडीओ को हो गई छह माह की जेल

जिला उपभोक्ता अदालत के न्यायाधीश मनजीत सिंह नरयाल ने आदेशों की अवमानना करने के जुर्म में बिजली निगम के एक्सईन तथा एसडीओ को छह-छह माह का कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

रेजिडेंस वेलफेयर फैडरेशन ने बिजली कंपनियों द्वारा अवैध 8 करोड़ वसूली  वापस करने की मांग रखीबिजली (प्रतीकात्मक फोटो)

जींद। जिला उपभोक्ता अदालत के न्यायाधीश मनजीत सिंह नरयाल ने आदेशों की अवमानना करने के जुर्म में बिजली निगम के एक्सईन तथा एसडीओ को छह-छह माह का कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही उपभोक्ता अदालत ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश देकर दोनों दोषियों को गिरफ्तार करने के वारंट जारी कर जेल भेजने के लिए कहा है।

क्या था मामला

मूलत गांव बीबीपुर हाल आबाद अर्बन एस्टेट निवासी ईश्वर सिंह साहू को वर्ष 2017 में बिजली निगम ने 12 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए नोटिस जारी किया था। जबकि ईश्वर सिंह गांव में न तो कोई कनैक्शन था, न ही बिजली निगम का उपभोक्ता था। जिस पर बिजली निगम के खिलाफ जिला उपभोक्ता अदालत में अपील की। बिजली निगम के अधिकारी ईश्वर सिंह के नाम गांव बीबीपुर में बिजली कनैक्शन होने से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तूत नहीं कर सके। जिला उपभोक्ता अदालत ने बिजली निगम को फटकार लगाते हुए 18 अक्टूबर 2019 को आदेश दिए थे कि वह पीडि़त ईश्वर सिंह को 15 हजार रुपये मानसिक तथा शारीरिक रूप से हुई परेशानी का हर्जाना दे। साथ ही 5500 रुपये केस फाइल का खर्च अलग से दे। जिसका भुगतान एक माह के अंदर देने के आदेश दिए गए थे। बावजूद इसके निर्धारित समयाविधि में बिजली निगम ने हर्जाना राशि तथा केस फाइल राशि का भुगतान नहीं किया।

बिजली निगम एक्सईन व एसडीओ को पांच-पांच माह की कैद

जिला उपभोक्ता अदालत के आदेशों की अवमानना करने पर ईश्वर सिंह ने अपने अधिवक्ता आरसी शर्मा के माध्यम से गत नौ दिसम्बर को अपील की। जिस पर बिजली निगम के अधिकारियों ने हर्जाना राशि तथा फाइल केस जमा करवाने में असमर्थता जताई। जिला उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश मनजीत सिंह नरयाल, सदस्य एमके खुराना तथा नीरू अग्रवाल ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। तथ्यों के आधार पर बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता विकास मोहन दहिया तथा एसडीओ हितेश गोयल दोषी पाए गए। जिसके आधार पर जिला उपभोक्ता अदालत ने दोनों को छह-छह माह का कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही जिला उपभोक्ता अदालत ने एसपी को निर्देश जारी कर दोनों बिजली निगम अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजने के लिए कहा है।

नियमानुसार रिकवरी के बारे में भी कहा जिला उपभोक्ता अदालत ने

जिला उपभोक्ता अदालत ने 18 अक्टूबर 2019 के फैसले में पीडि़त को दिए जाने वाले हर्जाने तथा केस फाइल राशि दोनों दोषी अधिकारियों से रिकवर करने के लिए कहा गया है। पूर्व के आदेशों में स्पष्ट किया गया था कि अगर निर्धारित समयाविधि में राशि का भुगतान नहीं किया जाता तो 12 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से राशि देनी होगी। जिसकी रिकवरी दोनों दोषी अधिकारियों के किसी भी माध्यम से की जा सकती है।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता आरसी शर्मा ने बताया कि फर्जी तौर पर बिजली चोरी का मामला बनाया गया था। जबकि पीडि़त न तो गांव में रहता है और न ही उसने बिजली निगम से कोई कनैक्शन लिया था। न ही बिजली निगम का उपभोक्ता है। जिला उपभोक्ता अदालत ने बिजली निगम के एक्सईन तथा एसडीओ को छह-छह माह की कैद तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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