Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

टिकट काउंटर पर खुले पैसे न होने पर छोड़ना पड़ सकता है बकाया, अब खुले पैसे बने वजह

रेलवे स्टेशन पर रेलवे टिकट को लेकर काउंटर बनाए गए हैं। इन रेलवे टिकट काउंटरों पर मौजूद कर्मी प्रतिदिन हजारों लोगों को टिकट देने का काम करते हैं। ऐसे में इन काउंटरों पर टिकट लेने आने वाले लोगों को उस समय असुविधा का सामना करना पड़ जाता है जब टिकट काउंटर पर मौजूद रेलवे कर्मी के पास खुले पैसे नहीं होते हैं।

टिकट काउंटर पर खुले पैसे न होने पर छोड़ना पड़ सकता है बकाया, अब खुले पैसे बने वजहIndian Railway IRCTC irctc service charges E-Ticket

अगर आप रेलवे जंक्शन स्थित टिकट काउंटर पर रेल टिकट लेने के लिए जा रहे हैं तो आपको अपनी जेब में खुले पैसे रखने होंगे या फिर आपको इस बात की जानकारी रखनी होगी कि टिकट कितने रुपये का है। क्योंकि खुले पैसों को लेकर रेलवे टिकट खिड़की पर आपको असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने बकाया एक, दो या पांच रुपये वहीं काउंटर पर छोड़ने भी पड़ सकते हैं। क्योंकि टिकट काउंटर पर मौजूद रेलकर्मी के पास खुले पैसे कई बार उपलब्ध नहीं होते हैं और वहां कोई अन्य लाइन में खड़ा व्यक्ति खुले पैसे देगा नहीं। इसलिए रेल की अगर टिकट लेनी है तो अपनी जेब में खुले पैसे अवश्य रख लेने चाहिए।

प्रतिदिन हजारों लोग लेते हैं टिकट

रेलवे स्टेशन पर रेलवे टिकट को लेकर काउंटर बनाए गए हैं। इन रेलवे टिकट काउंटरों पर मौजूद कर्मी प्रतिदिन हजारों लोगों को टिकट देने का काम करते हैं। ऐसे में इन काउंटरों पर टिकट लेने आने वाले लोगों को उस समय असुविधा का सामना करना पड़ जाता है जब टिकट काउंटर पर मौजूद रेलवे कर्मी के पास खुले पैसे नहीं होते हैं। रेलवे कर्मियों द्वारा यहां टका सा जवाब दे दिया जाता है कि खुले पैसे उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लाइन में लगे यात्री के पास दो ही विकल्प शेष बच जाते हैं या तो वह अपने बकाया पैसों को वहीं काउंटर पर छोड़ कर चला जाए या फिर वहीं रूक कर उस समय का इंतजार करे कि कोई खुले पैसे काउंटर पर टिकट की एवज में देगा और उसे वो वापस मिल जाएंगे लेकिन इसके लिए काफी समय का इंतजार करना पड़ सकता है।

खुले पैसों की है मारामारी

रेलवे अधिकारियों की बात पर विश्वास किया जाए तो टिकट की एवज में जनता की ही पैसा होता है और इसे जनता को ही वापस लौटाया जाता है। खुले पैसों के लिए अलग से कोई व्यवस्था तो है ही नहीं। वहीं आमजन की बात पर विश्वास किया जाए तो अगर दो रुपये भी टिकट लेने के लिए कम होंगे तो उन्हें टिकट नहीं दी जाएगी जबकि अगर टिकट लेने के बाद उनके पांच रुपये भी बच रहे हैं तो यह उनको मिल नहीं पाएंगे। ऐसे में आमजन का कहना है कि रेलवे अधिकारियों को इस तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि आम आदमी के लिए एक-एक पैसे की बड़ी अहमियत होती है। अधिकारियों को चाहिए कि वो टिकट काउंटरों पर खुले पैसों का प्रबंध करवाए।

डयूटी के दौरान टिकट खिड़की से नदारद रहना भी पड़ सकता है भारी

डयूटी के दौरान टिकट खिड़की पर अगर कर्मी नहीं है तो इस बारे में रेल अधिकारियों को अवगत करवाया जाए। इस पर अधिकारियों द्वारा तुरंत एक्शन भी लिया जाएगा। कई बार टिकट के लिए लाइन में खड़े लोग टिकट काउंटर पर मौजूद रेलवे कर्मी का इंतजार कर-कर थक जाते हैं। बस मन मसोस कर रहने के सिवा व्यक्ति के पास कुछ नहीं बचता है। ऐसे में अब आमजन को इसके प्रति जागरूक होना होगा और इस बारे में तुरंत प्रभाव से रेल अधिकारियों को अवगत करवाना होगा। इस पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई रेल अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

टिकट काउंटर पर खुले पैसों की तो अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। फिर भी अगर ऐसा होता है तो इसे लेकर प्रयास किए जाएंगे। वहीं अगर डयूटी के दौरान कोई भी रेल कर्मी कोताहि बरतता है तो इस बारे में अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जा सकता है।

यशपाल मीणा, स्टेशन अधीक्षक

Next Story
Top