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शराबी ऑटो चालक द्वारा महिला के अपहरण का प्रयास, रोडवेज कर्मियों ने महिला को बचाया

एक ऑटो चालक ने औद्योगिक क्षेत्र से एक बुजुर्ग महिला को जबरदस्ती ऑटो में डाल लिया। महिला चलते ऑटो से कूद गई। बाद में दो बार इसी तरह से महिला को ऑटो चालक ने जबरदस्ती ऑटो में डाला।

सांकेतिक फोटोसांकेतिक फोटो

भिवानी में करीब सवा 11 बजे के आसपास एक ऑटो चालक ने औद्योगिक क्षेत्र से एक बुजुर्ग महिला को जबरदस्ती ऑटो में डाल लिया। महिला चलते ऑटो से कूद गई। बाद में दो बार इसी तरह से महिला को ऑटो चालक ने जबरदस्ती ऑटो में डाला,लेकिन रोडवेज कर्मशाला के पास लाइटें जलने व कर्मचारी के डयूटी पर होने की वजह से महिला कूद कर वर्कशॉप के गेट पर पहुंच गई। वहां पर तैनात कर्मचारियों ने पुलिस को सूचित किया।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ऑटो चालक के परिजनों को बुलाकर मामला रफा-दफा कर दिया। जिसको लेकर रोडवेज कर्मचारियों में जबरदस्त रोष है। महिला किसी दूसरे प्रदेश की रहने वाली थी। पीडि़ता के अनुसार करीब सवा 11 बजे वह मोहता फैक्ट्री के पास से गुजर रही थी। एक ऑटो चालक ने उसको जबरदस्ती ऑटो में डाल दिया। वह ऑटो चलाने लगा। ऑटो से स्पीड नहीं पकड़ी थी कि वह उससे पहले कूद गई और तेज कदमों से अपने परिवार के ठिकाने की तरफ बढ़ने लगी।

उसके बाद फिर ऑटो चालक ने ऑटो वापस मोड़ कर फिर उसको जबरदस्ती बैठाकर वर्कशॉप की तरफ चलाना शुरू किया। आटो ने स्पीड नहीं पकड़ी थी कि वह फिर ऑटो से कूद गई। फिर तीसरी बार फिर ऑटो चालक ने उसको जबरदस्ती बैठा लिया और वर्कशॉप के नजदीक पहुंचा तो वह लाइटें जलती देखकर वहां पर कूद गई और भाग कर वर्कशाप के गेट के आगे बैठ गई। उसके बाद पीडि़त महिला ने वर्कशाप में तैनात कर्मचारी के समक्ष आपबीती बताई।

1091 पर दी सूचना, बाइक पर पहुंचे दो पुलिस कर्मचारी

बताते है कि तीसरी बार महिला के आटो से कूदने व वर्कशाप के गेट पर महिला के बैठने के बाद भी आरोपी ऑटो चालक वहां से नहीं गया। वह महिला को लेकर रोडवेज कर्मचारियों से उलझने लगा। मामला बढता देखकर रोडवेज कर्मचारियों ने इस बारे में पुलिस के हेल्पलाइन नम्बर 1091 पर कॉल की। कॉल करने के करीब दस-15 मिनट बाद दो पुलिस कर्मचारी वर्कशाप के गेट पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

उसके बाद उन्होंने ऑटो चालक के परिजनों का मोबाइल नम्बर लिया और उनको मौके पर बुला लिया। करीब आधे बाद ऑटो चालक के परिजन मौके पर पहुंचे और उसके बाद पुलिस ने महिला से भी पूछताछ की और उसके बाद पुलिस मामले को रफा-दफा करते हुए ऑटो चालक को छोड़ दिया। महिला की बजाए रोडवेज कर्मचारी से लिखवाया कि नहीं चाहते कार्रवाई

जिस वक्त पुलिस मौके पर पहुंची। उस वक्त ऑटो व उसका चालक रोडवेज कर्मचारियों ने बैठा रखा था। पुलिस आते ही कर्मचारियों ने ऑटो व उसके चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। कर्मचारी ने कहा कि पुलिस ऑटो को इम्पाऊंड करे,लेकिन पुलिस कर्मचारियांे ने आरोपित के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की बजाए उसी को समझाने लगे।

इस दौरान आरोपित के परिजनों ने कहा कि अगर मामला यादा उछला तो भिवानी जिले की बदनामी होगी। इस तरह की बातें करने के बाद पुलिस ने पीडि़त महिला की बजाए रोडवेज कर्मचारी से यह लिखवाया कि वे कार्रवाई नहीं चाहते। उसके बाद एप्लीेकेशन लेकर पुलिस कर्मचारी वहां से निकले।

क्या कहते है अधिकारी

इस बारे में पुलिस उपाधीक्षक विरेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उसके बाद भी वे जांच करवाएंगे। किसी के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।

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