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नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोपी की जेल में मौत, परिजनों ने लगाया टार्चर का आरोप

मृतक युवक की बहन शारदा समेत अन्य महिलाओें ने आरोप लगाया कि सीआईए थ्री की टीम पीके समेत 11 लोगों को गिरफ्तार करके लाई थी। रिमांड के दौरान राममेहर उर्फ पीके को उसकी मां के सामने ही मारपीट कर ज्यादा यातनाएं दी गई।

सांकेतिक तस्वीर
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सांकेतिक तस्वीर

रोहतक में नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किए गए युवक की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन भड़क गए और मंगलवार दोपहर पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस के गेट पर धरना देकर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। परिजन देर रात तक पुलिस पर केस दर्ज करने पर अड़े रहे। डीएसपी महेश कुमार और डीएसपी नारायणचंद ने कार्रवाई के लिए बुधवार सुबह तक का समय मांगा है। वहीं मामले की गम्भीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने भी पाेस्टमार्टम हाउस पहुंच कर जांच की।

मृतक युवक की बहन शारदा समेत अन्य महिलाओें ने आरोप लगाया कि सीआईए थ्री की टीम पीके समेत 11 लोगों को गिरफ्तार करके लाई थी। रिमांड के दौरान राममेहर उर्फ पीके को उसकी मां के सामने ही मारपीट कर ज्यादा यातनाएं दी गई। उसे खेतों में मारपीट कर रखा गया। जिससे उसकी मां शकुंतला की भी हालत बिगड़ गई। शकुंतला कई दिन से पीजीआई भर्ती है। जबकि पीके और अन्य आरोपितों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 19 अक्टूबर को जेल भेज दिया।

वह विगत दिनों जेल में पीके से मुलाकात करके आए तो पीके ने बताया कि सीआईए ने उसे बेवजह फंसाया है और उसे यातनाएं दी गई हैं जिसकी वजह से वह चल भी नहीं पा रहा है। परिवार ने बताया कि इसके बाद सोमवार की रात को दो बजे उनके पास जेल से फोन आया कि पीके की तबियत ज्यादा खराब है, इसलिए पीजीआई पहुंचों। वह पीजीआई पहुंचे तो सुबह दस बजे पता चला पीके की मौत हो गई है।

परिजनों ने सीआईए थ्री के पुलिस कर्मचारियों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरना दिया। सूचना मिलते ही डीएसपी नारायणचंद, डीएसपी महेश कुमार समेत अन्य अधिकारी पहुंचे और परिजनों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन परिजन देर रात केस दर्ज करने पर अड़े रहे। पुलिस ने बुधवार सुबह तक का समय कार्रवाई के लिए मांगा है। परिजन बिना शव लिए ही देर रात को घर चले गए। अब बुधवार को दोबारा हंगामा होने के आसार हैं।

रिश्वत लेने के आरोप

परिवार ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी और अन्य अफसरों ने रिश्वत ली। जिसके बाद कई लोगों को छोड़ दिया गया। इसके अलावा रिमांड न लेने के लिए भी रिश्वत ली गई थी। परिवार का आराेप है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से केस बनाया है।

यह है मामला

19 अक्टूबर को सीआईए थ्री ने एक गिरोह का खुलासा किया था। जिसमें बताया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के नौ सदस्यों को 90 किलो गांजापत्ति समेत गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। टीम ने दिल्ली हिसार रोड पर जलेबी चौक पुल के ऊपर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच करनी शुरु कर दी। नाकाबन्दी के दौरान एक ट्राला को रोककर चैक किया गया।

ट्राला चालक की पहचान गांव रसुरपुर जिला अलवर राजस्थान निवासी मुकेश व परिचालक की पहचान गांव झिझन जिला दोसा राजस्थान निवासी बहादुर के रूप में हुई। ट्राला में पीछे 9 व्यक्ति हाथों में चटाइयां लेकर बैठे हुए थे। पूछताछ में उनकी पहचान गांव सुलचानी जिला हिसार निवासी राममेहर उर्फ पीके, पुजारी, जीतपाल, जीवणा, चतरपाल, रोशनी, रामकली, पीके की मां शंकुतला व संतोष के रूप में हुई है। आरोपितों से 90 किलो गांजापत्ति बरामद हुई।

अब कैसे होगा गुजारा

मृतक युवक की पत्नी प्रियंका ने बताया कि उनके घर में अब कमाने वाला कोई नहीं रहा। उनके घर में पिता राजू कई साल पहले मर चुके हैं। बुजुर्ग मां शकुंतला बीमार रहती है। पीके के पास दो बेटियां हैं। अब पूरे परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट आन खड़ा हुआ है। पीके की तीन बहनें हैं।

जब तक आरोपितों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो जाती समाज शांत नहीं बैठेगा। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही दम लेंगे। युवक की मौत रिमांड के दौरान सीआईए थ्री के टार्चर से हुई है। जिसे बाद में जेल भेज दिया गया था। डॉ. बलवान, चेयरमैन, घुमंतू जनजाति विकास बोर्ड

युवक के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम हुआ है। जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। महेश कुमार, डीएसपी

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