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दुनिया के सबसे ताकतवर आदमी ने गोद लिया हरियाणा का ये गांव

सुलभ इंटरनेशनल के फाउंडर बीरेंद्र पाठक ने यह घोषणा करते हुए कहा कि इस कदम से भारत और अमेरिका के संबंध और घनिष्ट होंगे।

दुनिया के सबसे ताकतवर आदमी ने गोद लिया हरियाणा का ये गांव

हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले मेवात के गांव धांदूका की सूरत बदलने जा रही है। विकास के एतबार से पिछडे नूंह मेवात जिले के धांदूका गांव पर सात समुंद्र पार दुनिया की सुपर पॉवर अमेरिका की नजर पड़ी है।

अमेरिका में सुलभ इंटरनेशनल के कर्ताधर्ता बिंदेश्वर पाठक ने इसकी घोषणा की है। पूरे जिले में ही नहीं, मीडिया जगत में भी ट्रंप गांव सुर्ख़ियों में है। गांव में खुशी की लहर है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस गांव को गोद लेने की घोषणा की है। वैसे ट्रंप की इस घोषणा से मेवात जिला प्रशासन अभी तक अंजान हैं।

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ट्रंप ने गांव धांदूका को गोद लेने की घोषणा सुलभ इंटरनेशनल के फाउंडर बीरेंद्र पाठक के आग्रह पर की है। बीरेंद्र पाठक ने दो दिन पहले ही अमेरिका में धांदूका गांव का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर करने का प्रताव रखा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से धांदूका गांव को गोद लिए जाने और उनके गांव का नाम डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर बदले जाने को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

गोद लिए जाने से अब इस गांव में बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, रास्ते-गलियों की समस्याओं के समाधान होने की आस जगी है।

सुलभ इंटरनेशनल से जुड़े कर्मचारी भी इस बात को स्वीकारते हैं, लेकिन आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है।

सुलभ इंटरनेशनल की ओर से नूंह खंड के गांव धांदूका में पहले ही खुले में शौच मुक्त बनाने के लिये सभी घरों में करीब 150 टॉयलेटों की व्यवस्था कर चुका है।

मेवात जैसे पिछड़े इलाकों में धांदूका एक मॉडल गांव स्थापित होगा. इस गांव को अब विकास के पहिये लगने की संभावनाएं जगी हैं।

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अभी तक यह गांव अपनी बदहाली पर आंसू बहाता आ रहा है. यहां के लोगों को ना तो पर्याप्त मात्रा में बिजली है और ना ही पीने का पानी। स्कूल के हालात भी बेहतर नहीं है।

गांव में दलित वर्ग की संख्या तो अच्छी खासी है, लेकिन मंदिर तक नहीं है. गांव महिलाओं को बिंदेश्वर पाठक में भगवान नजर आने लगा है।

दरअसल, सोमवार को वाशिंगटन में हुए एक कार्यक्रम में सुलभ इंटरनेशनल के फाउंडर बीरेंद्र पाठक ने यह घोषणा करते हुए कहा कि इस कदम से भारत और अमेरिका के संबंध और घनिष्ट होंगे।

इसी कार्यक्रम में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर धांदूका गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा है।

गांव में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं

नूंह जिला मुख्यालय ये मात्र 6 किलोमीटर दूर गांव धांदूका है, जिसकी आबादी करीब 1500 है। गांव टेरकपुर और धांदूका दो गांवों को मिलाकर ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है।

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