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यमुना नदी की सफाई को लेकर गंभीर नहीं सरकार, प्रदूषित जल से श्रद्धालु परेशान

लोगों की आस्था का केंद्र रही यमुना नदी का जल अब निर्मल नहीं रही है। इसका जल प्रदूषित होने से लोगों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। खास बात तो यह है कि करीब तीन वर्ष पहले यमुना बचाओ को लेकर मथुरा से हथनीकुंड बैराज तक पद यात्रा की जा चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन व सरकार ने अभी तक जिले के साथ लगती यमुना नदी के जल को स्वच्छ करने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाई है।

यमुना नदी में प्रदूषित जल से श्रद्धालु परेशानयमुना नदी(प्रतीकात्मक फोटो)

यमुनानगर में सदियों से लोगों की आस्था का केंद्र रही यमुना नदी का जल अब निर्मल नहीं रहा है। इसका जल प्रदूषित होने से लोगों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। खास बात तो यह है कि करीब तीन वर्ष पहले यमुना बचाओ को लेकर मथुरा से हथनीकुंड बैराज तक पद यात्रा की जा चुकी है।

लेकिन इसके बावजूद प्रशासन व सरकार ने अभी तक जिले के साथ लगती यमुना नदी के जल को स्वच्छ करने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। लोगों का कहना है कि यूपी क्षेत्र में स्थित कुछ फैक्ट्रियों का गंदा जल नदी में प्रवाहित होने से इसका जल प्रदूषित हो रहा है।

-हथनीकुंड बैराज के बाद नदी में बहता है प्रदूषित जल

यमुना नदी की धारा अपने उद्गम स्थल यमुनोत्री से लेकर हथनीकुंड बैराज तक निर्मल रहती है। लेकिन हथनीकुंड बैराज के बाद से नदी में प्रदूषित जल का प्रवाह शुरू हो जाता है। कारण है कि नदी में यूपी की सीमा में लगी कई फैक्ट्रियों का कैमिकल यूक्त पानी छोड़ा जाता है। जिससे नदी की जल प्रदूषित हो रहा है।

-नदी में रोजाना करते हैं श्रद्धालु स्नान

श्रद्धालु नंद किशोर, सुमेर चंद, विवेक व पंडित रमेश शर्मा आदि का कहना है कि यमुना नदी लोगों की आस्था का केंद्र है। इस नदी में रोजाना सुबह शाम श्रद्धालु स्नान करते हैं। नदी में प्रदूषित जल बहना लोगों की आस्था को ठेस पहुंचा रहा है। नदी को स्वच्छ रखने के लिए केंद्र, यूपी व हरियाणा सरकारों को संयुक्त रुप से प्रयास करने चाहिएं।


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