Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

करोड़ों की फसल ओलावृष्टि से हुई खराब, अब बीमा कंपनी ने किसानों को क्लेम देने से किया इंकार

हरियाणा के गांवों में ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई है। फसल का बीमा होने के बावजूद कंपनी ने देने से इंकार कर दिया है।

Crores of crores damaged due to hail, now insurance company refuses to give claims to farmers
X
किसान (फाइल फोटो)

रोहतक के आसपास के गांवों में ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई है। जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। फसल का बीमा होने के बावजूद देने से इंकार कर दिया है। जिसके बाद किसान चक्कर काट रहा है।

जानकारी के मुताबिक गांव बसाना, बालंद, ककराणा, करौंथा, पहरावर, शिमली, काहनौर, भैणी महाराजपुर, इस्माईला, गांधरा समेत कई गांव में ओलावृष्टि से धान की फसल तबाह हो गई। जिससे किसानों को करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मंगलवार को इन गांवों के किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पहुंचे और क्लेम फार्म जमा करवाने। लेकिन विभाग ने दावे पत्र लेने से साफ इंकार कर दिया। किसानों को बताया गया कि धान खराब होने पर 5 अक्टूबर तक ही क्लेम स्वीकार किए जा सकते थे। क्योंकि फसल कटाई शुरू होने से 15 दिन पहले तक ही दावे लिए जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि फसल कटाई प्रयोग के बाद अगर ओलावृष्टि के गांवों में औसत पैदावार कम होती है तो इसकी भरपाई बीमा कम्पनी द्वारा की जाएगी।

मुआवजे की सभा कर चुकी है मांग

अखिल भारतीय किसान सभा का कहना है कि तेज बारिश, तूफान ,ओलावृष्टि की वजह से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों को फसल तैयार करने के लिए प्रति एकड़ हजारों रुपये खर्च किए। अब फसलें पूरी तरह से पक चुकी थी तो प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गई। सभा प्रधान प्रीत सिंह का कहना है कि करौंथा, मायना समेत कलानौर क्षेत्र के गांवों में फसलों में काफी नुकसान हुआ है। जिससे अब पैदावार काफी कम होगी। जिन खेतों में पानी भरा हुआ है और वहां फसल गिर गई है तो धान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। पानी से धान का दाना पूरी तरह से काला पड़ जाएगा। ऐसी फसल की खरीद व्यापारी नहीं करेंगे।

कम्पनी कर रही है मनमानी

किसान सभा के महा सचिव बलवान सिंह का कहना है कि फसल बीमा कम्पनियां प्रदेश में मनमानी कर रही हैं। किसानों को बिना बताए उनके खातों से प्रीमियम का पैसा जमा कर लिया जाता है। जब फसल खराब होती है तो किसान को क्लेम नहीं मिलता। कम्पनी वारे-न्यारे कर रही है, जबकि किसान की हालत साल दर साल खराब हो रही है। सिंह का कहना है कि अगर बीमा कम्पनी ने फसल के नुकसान की भरपाई नहीं की तो उनका संगठन आंदोलन शुरू करेगा। इस बारे में जिला प्रशासन को पहले ही मांग पत्र सौंपा जा चुका है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग रोहतक के उप निदेशक डॉ. रोहतास सिंह ने कहा कि कटाई का सीजन शुरू होने से पंद्रह दिन पहले फसल क्लेम स्वीकार करने का प्रावधान नहीं है। ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई कम्पनी तभी करती है, जब औसत पैदावार कम होती है।


और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story