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हांसी में कोरोना की अफवाह से पीड़ित परिवार की बढ़ी मुश्किलें, बच्चों को स्कूलों में आने पर रोका, काम भी छूटा

हरियाणा के हांसी में एक महिला को निमोनिया हुआ लेकिन खबर फैल गई कि ये महिला कोरोना वायरस से पीड़िता है। जिसके बाद पूरे परिवार का जीना मुश्किल हो गया है।

हांसी में कोरोना की अफवाह से पीड़ित परिवार की बढ़ी मुश्किलें, बच्चों को स्कूलों में आने पर रोका, काम भी छूटा
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हरियाणा के हांसी में निमोनिया से पीड़ित महिला के उपचार को लेकर श्री काली देवी धर्मार्थ अस्पताल के चिकित्सक द्वारा बरती गई सावधानी से जहां महिला की जान बच गई, वहीं यह सावधानी कोरोना की अफवाह बनकर मरीज के परिवार के लिए आफत बन गई। हांसी के श्री काली देवी धर्मार्थ अस्पताल में डॉक्टर अखिलेश सिंगल ने कहा कि जब महिला को कोरोना संदिग्ध मानते हुए अस्पताल से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा था।

अब इस परिवार के बच्चों को स्कूलों में आने पर रोक लगा दी गई है। इस महिला के बड़े बेटे का काम भी छूट गया है। आस-पड़ोस के लोगों ने इस परिवार से दूरी बना ली है। हालांकि महिला का अग्रोहा मेडिकल में इलाज चल रहा है और वह अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

वहीं घर वालों को काफी मानसिक वेदना का सामना करना पड़ा। हुआ यूं कि शहर से करीब 15 महिलाओं की एक टोली तीर्थ यात्रा पर गई थी। मथुरा-वृंदावन में यह होली के मौके पर ये महिलाएं करीब 10 दिन तक वहां रही। वहां पर गर्म पानी की व्यवस्था न होने से ये रोजाना ठंडे पानी से नहाती थी। जिस वजह से इस दल की 3-4 महिलाओं की तबीयत खराब हो गई।

वहां से इन महिलाओं का जत्था हांसी पहुंचा, तो उक्त महिला मरीज की हालत निमोनिया की वजह से काफी नाजुक थी। उन्हें शुक्रवार को शहर के श्री काली देवी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। यहां पर डॉक्टर अखिलेश कुमार सिंगल ने महिला की जांच की और उसकी हिस्ट्री जानी तो पता चला कि महिला वृंदावन से आई है। डॉक्टर ने एहतियात बरतते हुए, कोई रिस्क लेना उचित नहीं समझा। क्योंकि हरियाणा में कोरोना को महामारी घोषित कर दिया गया है। महिला बाहर से आई थी तो ऐसे में डॉक्टर ने ऐसे मरीज को अपने पास रखना ठीक नहीं समझा। उसने मरीज को अस्पताल में बिना दाखिल किए ही सरकारी अस्पताल में ले जाने के लिए कहा।

कोरोना की चर्चा सुनकर महिला मरीज भी घबरा गई। उसके बाद नागरिक अस्पताल से अग्रोहा रेफर कर दिया गया। वहां पर महिला की देखरेख कर रहे परिजनों ने बताया कि मरीज ने खाना भी खाया है और ठीक से बातचीत भी कर रही है। महिला के बड़े बेटे ने बताया कि उसने शहर में एक जगह पर फैक्टरी में तोड़ फोड़ का ठेका लिया हुआ है। लेकिन फैक्टरी मालिक ने कहा है कि वह 4-5 दिन के लिए छुट्टी कर ले और काम पर न आए। इसको लेकर शहर में भी लोगों में एक दहशत का माहौल बन गया है। लेकिन किसी को इस बात से डरने की जरूरत नहीं है। जनता टीवी रिपोर्टर ने इस घटनाक्रम की पड़ताल करने के लिए कृष्णा कॉलोनी में उनके परिजनों से संपर्क किया तो उनके भीतर का दर्द फूट पड़ा और वो काफी परेशान नजर आए। परिवार के सभी बच्चे घर पर ही थे।

लेकिन जबसे उनके पास यह खबर आई है कि मरीज खतरे से बाहर है तो अब वे हौंसले में हैं। हालांकि परिवार के लोगों ने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया। जनता टीवी ने श्री काली देवी धर्मार्थ अस्पताल के उस चिकित्सक से भी बातचीत की, जिसने महिला की जांच की थी।

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